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शुजात बुखारी हत्याकांड: मास्टरमाइंड ने बंगलूरू से किया है एमबीए

Thu, 28 Jun 2018 08:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू कश्मीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू कश्मीर Updated Thu, 28 Jun 2018 08:44 AM IST
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Shujaat Bukhari: police identified a Lashkar-e-Taiba recruiter behind assassination of journalist
शुजात बुखारी

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक 48 साल के लश्कर-ए-तैयबा के भर्ती करने वाले शख्स की शिनाख्त की है। इस शख्स ने बंगलूरू के एक निजी संस्थान से एमबीए की पढ़ाई की है और वह पांच साल पहले पाकिस्तान जाकर बस गया था। उसे कश्मीरी पत्रकार शुजात बुखारी को मारने के पीछे का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। खुफिया जानकारी के अनुसार इस मास्टरमाइंड का नाम सज्जात गुल है। वह मूलरुप से कश्मीर का रहने वाला है और इस समय पाकिस्तान के रावलपिंडी में बसा हुआ है।

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पत्रकार को मारने का आदेश लश्कर के मुखिया हाफिज सईद की तरफ से आया था और गुल ने इस काम को स्थानीय आतंकियों को निजी तौर पर सौंपा था। बुखारी श्रीनगर से निकलने वाले अंग्रेजी अखबार राइजिंग कश्मीर के संपादक थे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा रमजान के मौके पर संघर्ष विराम को लागू करने का समर्थन किया था जिसकी वजह से लश्कर और पाकिस्तान के कई आतंकी संगठन उनसे नाराज हो गए थे। सूत्रों का कहना है कि उनकी हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी जिसकी तैयारी मार्च में पूर्व खुफिया एजेंसी के मुखिया दिनेश्वर शर्मा  को जम्मू-कश्मीर का वार्ताकार नियुक्त करने के बाद की गई थी। इसके जरिए उन लोगों को निशाना बनाया जाना था जो शांति के प्रयासों का समर्थन करते हैं।
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एक खुफिया अधिकारी ने बताया, 'बुखारी को मारने का आदेश लश्कर के मुखिया ने दिया था और इसमें आतंकी संगठन के एक बहुत छोटे समूह को शामिल किया गया था।' गुल से कहा गया था कि पत्रकार को मारने के लिए वह स्थानीय आतंकियों को भर्ती करे। सूत्रों का कहना है कि आतंकी बनने से पहले प्रबंधन में डिग्री होने के अलावा गुल ने लैबोरेटरी टेक्निशियन की भी ट्रेनिंग की हुई है। वह आतंकी गतिविधियों में सक्रियता से शामिल रहता है। 
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पुलिस फाइल के अनुसार पाकिस्तान जाने से पहले गुल को पकड़कर श्रीनगर की केंद्रीय कारागार और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रखा गया था। जम्मू-कश्मीर के वार्ताकार शर्मा ने कम से कम 16 संगठनों के साथ बैठक की थी। उन्होंने पिछले पांच सालों में मारे गए पुलिस वालों, जनजातिय, फेरीवाले, ड्राइवर और पत्रकारों के परिवार से मुलाकात की जिनकी आतंकी हमलों में मौत हो गई थी। इसके अलावा उन परिवारों से भी मिले जिनके बच्चे बहकावे में आकर लश्कर में शामिल हो गए हैं। 

शर्मा के इस कदम ने सईद और उसके कमांडरों के लिए परेशानियां पैदा कीं जिन्होंने केंद्र की पहल को विफल करने के निर्देश दिए थे। जांच एजेंसी और पुलिस के सूत्रों का कहना है कि गुल ने एक ब्लॉग बनाया जिसके जरिए वह बुखारी को बदनाम करने का काम करता था और अपने बहुत से टार्गेट को लक्षित करता था जिसमें दूसरे कश्मीरी पत्रकार, शांति कार्यकर्ता और रॉ के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। अपने ब्लॉग में गुल ने बुखारी को विश्वासघाती बताया था।


वहीं पुलिस ने हत्या में शामिल तीन हत्यारों की पहचान कर ली गई है। हत्यारों में एक गत फरवरी में श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल से पुलिस सुरक्षा से फरार होने वाला लश्कर का पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट माना जा रहा है। दो आतंकी दक्षिणी कश्मीर से बताए जा रहे हैं। हत्या में पाक की ओर से बड़ी साजिश के इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं। घटना की जांच के लिए गठित एसआईटी ने फोरेंसिक विभाग की ओर से मौके से एकत्र सबूतों व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। मीडिया रिपोटर्स को भी जांच का आधार बनाया गया। हाल में कुलगाम में एक मुठभेड़ की जांच के दौरान शुजात की हत्या के योजना का पता चला था।

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