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श्रीश्री के साथ तौकीर रजा ने दिया समझौते का फॉर्मूला, राममंदिर वहीं बने, बाबरी मस्जिद कुछ दूरी पर
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Updated Tue, 06 Mar 2018 09:49 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर और त्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के मुखिया तौकीर रजा ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या मसले को हल करने के लिए आपसी समझौते का फॉर्मूला सार्वजनिक किया। इसमें मुस्लिमों के सहयोग से राममंदिर को यथास्थान पर बनाने और हिंदुओं के सहयोग से बाबरी मस्जिद का निर्माण उससे थोड़ी दूरी पर करने के लिए दोनों पक्षों को सहमत करने की बात कही गई।
राममंदिर विवाद का हल दोनों पक्षों की सहमति से अदालत के बाहर कराने की मुहिम में जुटे आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर को मंगलवार को इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के मुखिया तौकीर रजा खां का भी साथ मिल गया है। श्रीश्री ने कहा कि उनकी इस मुहिम का उद्देश्य बातचीत के जरिये हिंदू और मुस्लिम समुदाय को करीब लाना है। उनका विश्वास है कि अयोध्या मसला बातचीत और आपसी सौहार्द से हल हो जाएगा।
राममंदिर का मसला हल न होने पर देश में सीरिया जैसे हालात पैदा हो जाने संबंधी अपने बयान के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने साफ किया कि वह आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, उनका मकसद किसी को डराना या धमकाना नहीं है। वह ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते। उनका मकसद सिर्फ यह कि देश में अशांति न फैले।
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राममंदिर विवाद का हल दोनों पक्षों की सहमति से अदालत के बाहर कराने की मुहिम में जुटे आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर को मंगलवार को इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के मुखिया तौकीर रजा खां का भी साथ मिल गया है। श्रीश्री ने कहा कि उनकी इस मुहिम का उद्देश्य बातचीत के जरिये हिंदू और मुस्लिम समुदाय को करीब लाना है। उनका विश्वास है कि अयोध्या मसला बातचीत और आपसी सौहार्द से हल हो जाएगा।
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राममंदिर का मसला हल न होने पर देश में सीरिया जैसे हालात पैदा हो जाने संबंधी अपने बयान के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने साफ किया कि वह आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, उनका मकसद किसी को डराना या धमकाना नहीं है। वह ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते। उनका मकसद सिर्फ यह कि देश में अशांति न फैले।
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कुछ लोग अयोध्या मामले को लेकर देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं
श्रीश्री रविशंकर
- फोटो : gettty
मौलाना तौकीर ने कहा कि कुछ लोग अयोध्या मामले को लेकर देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं और इस मुद्दे को हल नहीं होने देना चाहते। जो लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें देश के हालात की चिंता नहीं है। श्रीश्री इस मसले के हल के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं। वह भी उनकी इस बात से सहमत हैं कि अयोध्या का विवाद अदालत के बाहर हल होगा तो देश में अमन रहेगा।
तौकीर रजा ने कहा कि जो लोग दो से 282 तक पहुंच गए, वह इसे 2019 से भी आगे खींचना चाहेंगे क्योंकि उन्हें 382 तक पहुंचना है। एक प्रश्न पर उन्होंने कहा वह नहीं मानते कि श्रीश्री भाजपा के आदमी हैं। वह उन्हें एक नेक इंसान मानते हैं और उन पर कोई शक नहीं करते। वह एक अच्छे मकसद से आए हैं।
हालांकि आला हजरत दरगाह के नुमाइंदों के श्रीश्री के कार्यक्रम से पूरे तौर पर दूरी बनाए रखने की खास चर्चा भी रही। दरअसल दरगाह पर चादरपोशी करने के दौरान भी आला हजरत खानदान का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहा। उधर, आला हजरत दरगाह में चादरपोशी के बाद श्रीश्री सीबीगंज स्थित मदरसा जमीयतुर्रजा इस्लामिक सेंटर पहुंचे, मगर वहां उनके लिए मदरसे के दरवाजे नहीं खुले।
तौकीर रजा ने कहा कि जो लोग दो से 282 तक पहुंच गए, वह इसे 2019 से भी आगे खींचना चाहेंगे क्योंकि उन्हें 382 तक पहुंचना है। एक प्रश्न पर उन्होंने कहा वह नहीं मानते कि श्रीश्री भाजपा के आदमी हैं। वह उन्हें एक नेक इंसान मानते हैं और उन पर कोई शक नहीं करते। वह एक अच्छे मकसद से आए हैं।
हालांकि आला हजरत दरगाह के नुमाइंदों के श्रीश्री के कार्यक्रम से पूरे तौर पर दूरी बनाए रखने की खास चर्चा भी रही। दरअसल दरगाह पर चादरपोशी करने के दौरान भी आला हजरत खानदान का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहा। उधर, आला हजरत दरगाह में चादरपोशी के बाद श्रीश्री सीबीगंज स्थित मदरसा जमीयतुर्रजा इस्लामिक सेंटर पहुंचे, मगर वहां उनके लिए मदरसे के दरवाजे नहीं खुले।