खुले मॉल, शॉपिंग सेंटर और धार्मिक स्थल, जानिए कैसा रहा पहले दिन का हाल
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भारत में 75 दिन के लॉकडाउन के बाद सोमवार को कई हिस्सों में मॉल, प्रार्थना स्थल और दफ्तर खुले, लेकिन लोगों की संख्या सीमित रही और परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच मॉल, प्रार्थना स्थल और दफ्तर तो खोल दिए गए। लेकिन क्या करना और क्या नहीं करना है, इसकी एक सूची है, जिसमें साफ- सफाई, शरीर के तापमान की जांच, स्वच्छता टनल, टोकनों के आधार पर प्रवेश और मंदिर में प्रसाद नहीं दिया जाना शामिल है। हालांकि इन प्रतिष्ठानों को निषिद्ध क्षेत्र के बाहर के इलाकों में खोला गया है। देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू था। हालांकि कई राज्यों ने लॉकडाउन की सीमा बढ़ाई है जिसके कारण इन्हें अभी नहीं खोला गया। कहां कैसा रहा नजारा आपको बता रहे हैं।
दिल्ली में फिर से खुले मॉल, शॉपिंग सेंटर, पहले दिन व्यापार मंदा रहा
राष्ट्रीय राजधानी में मॉल और शॉपिंग सेंटर ढाई महीने के बाद सोमवार को फिर से खुले लेकिन दुकानदारों का कहना था कि केवल कुछ ही लोग खरीदारी करने और खाने के लिए बाहर निकले, जिससे व्यापार मंदा रहा। साकेत के सिलेक्ट सिटी वॉक के एक प्रवक्ता ने कहा कि शॉपिंग सेंटर ने प्रवेश द्वारों, डिज़ाइन और लेआउट में कुछ परिवर्तन किए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नहीं होने दी जा रही है, ताकि सामाजिक दूरी बनाए रखने के मानदंडों का पालन हो सके। शहर के प्रमुख मॉल में से एक साकेत के सिलेक्ट सिटी वॉक में अधिकांश दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां फिर से खुले, लेकिन शुरुआती घंटों में केवल कुछ ही खरीददार खरीदारी के लिए इन दुकानों में पहुंचे।
अधिकांश दुकानों ने फर्श पर स्टिकर चिपकाए ताकि आगंतुकों को शारीरिक दूरी बनाए रखने में मदद मिल सके और कर्मचारी मास्क, फेस शील्ड और दस्ताने पहने हुए थे। लोगों से सामाजिक दूरी के मानदंड का पालन करने और हर समय मास्क पहने रहने का आग्रह करते हुए बार-बार घोषणाएं की जा रही थीं।
एक कर्मचारी ने कहा कि केवल उन लोगों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है, जिनके मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल है। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रवेश से मना किया जा रहा है।
हरियाणा में धार्मिक स्थल और मॉल खुले, बहुत कम लोग नजर आए
कोरोना वायरस संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित गुड़गांव और फरीदाबाद जिलों को छोड़कर हरियाणा में करीब ढाई महीने बाद सोमवार को धार्मिक स्थल एवं शॉपिंग मॉल खुले लेकिन अनुमान के विपरीत बहुत कम लोग ही ऐसे स्थानों पर पहुंचे। निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर होटल और रेस्तरां भी इस संक्रमण को फैलने से रोकने के एहतियाती उपायों के साथ खुले। लोगों ने मास्क लगा रखा था और उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उन्हें हाथों में सैनिटाइजर लगाने या फिर उसे साबुन पानी से धो लेने को भी कहा गया।
रेस्तरां और होटलों को एक दूसरे के बीच दूरी बनाकर रखने के लिए क्षमता से आधे लोगों को ही आने देने को कहा गया। बुफे सेवा की मनाही थी। सोनीपत के मुरथल में लोग ढाबाओं और अन्य खाद्य विक्रय स्थलों पर रूकते हुए नजर आये। मुरथल ढाबाओं और अन्य खाद्य विक्रय स्थलों के लिए जाना जाता है। अंबाला में होटल, मॉल और रेस्तरां तो खुले लेकिन वहां बहुत कम ग्राहक थे। मंदिरों, गुरद्वारों, मस्जिदों एवं गिरजाघरों में भी बहुत कम लोग पहुंचे।
लखनऊ: करीब ढाई महीने बाद खुले धार्मिक स्थल और शॉपिंग मॉल
कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान करीब ढाई महीने तक बंद रहने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को कड़े प्रतिबंधों के साथ धार्मिक स्थल और शॉपिंग मॉल माल खुले, लेकिन वहां बहुत ही कम संख्या में लोग पहुंचे। राजधानी लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए खुल गया और मंदिर में आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग की गई। मंदिर को खोलने से पहले पूरी तरह संक्रमण मुक्त किया गया था।
हनुमान सेतु मंदिर के मुख्य पुजारी भगवान सिंह बिष्ट ने बताया कि श्रद्धालुओं को संकट मोचन प्रतिमा के निकट जाने की इजाजत नहीं है। वह दूर से दर्शन कर सकते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम श्रद्धालु आए। शहर के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल मनकामेश्वर मंदिर भी सुबह ही खुल गया और वहां भी सभी श्रद्धालुओं ने दो गज की दूरी बनाए रखते हुए दर्शन किए।
लखनऊ की ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फिरंगी महली ने मास्क पहन कर नमाज पढ़ाई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने स्वयं नमाज के दौरान दो गज की दूरी बनाए रखी और देश को इस संकट से निकालने की दुआ मांगी। लखनऊ कैथोलिक चर्च के चांसलर फार डोनाल्ड डिसूजा ने बताया कि करीब 70 दिन के बाद हमें गिरिजा घरों में फ़िर एक बार आकर प्रार्थना करने का मौका मिला, ईश्वर को धन्यवाद!
लखनऊ गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने बताया कि श्रद्धलुओं के लिए गुरूद्वारे सुबह से ही खोल दिये गये हैं और प्रदेश सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है, हालांकि बहुत कम संख्या में लोग अरदास के लिए आए।
अरुणाचल प्रदेश में शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्त्रां खुले
अरुणाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के कारण लगभग ढाई महीने से बंद शॉपिंग मॉल, होटल और रेस्त्रां सोमवार को फिर से खुल गए। धार्मिक स्थल 30 जून तक बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि शॉपिंग मॉल, होटल और रेस्त्रां को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। राज्य की राजधानी में शॉपिंग मॉल के अधिकारी उपभोक्ताओं की थर्मल स्क्रीनिंग करते और उनका सैनिटाइजेशन करते दिखे। साथ ही वे लोगों को मास्क पहनने और एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन कराते भी देखे गए। कई रेस्त्रां ने उपभोक्ताओं द्वारा अभी भोजन घर ले जाने की सुविधा ही शुरू की है।
प. बंगाल: अनलॉक-1 के दौरान खुले मॉल और रेस्तरां
अनलॉक-1 के तहत लॉकडाउन में ढील दिए जाने के पहले चरण के दौरान पश्चिम बंगाल में दो महीने बाद सोमवार को शॉपिंग मॉल, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान खोले गए। ममता बनर्जी नीत सरकार ने पहले ही राज्य में एक जून से प्रतिबंधों में ढील दी थी और धार्मिक स्थलों के साथ जूट, चाय और निर्माण क्षेत्रों को पूरी तरह खोल दिया है। बहरहाल, सरकार ने राज्य में लॉकडाउन की अवधि आधिकारिक रूप से15 जून तक बढ़ा दी थी।
अनलॉक-1 के तहत ढील दिए जाने के बाद लोग बड़ी संख्या में कोलकाता की सड़कों पर निकल आए और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दिए। महानगर में कई स्थानों से यातायात जाम की खबरें आईं। सरकारी कार्यालयों ने 70 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करना चालू कर दिया है और अधिकतर निजी कार्यालय सामान्य कामकाज की ओर लौट रहे हैं। राज्य परिवहन की सभी बसों का परिचालन हो रहा है, निजी बसें कम चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है क्योंकि मेट्रो और ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन अभी बंद हैं।
ओडिशा में 30 जून तक बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, मॉल, होटल
ओडिशा में सभी धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल, होटल और रेस्तरां कोविड-19 परिदृश्य के मद्देनजर 30 जून तक बंद ही रहेंगे। करीब दो महीने से ज्यादा वक्त के अंतराल के बाद ज्यादातर राज्य सोमवार से सार्वजनिक स्थलों को खोलने की तैयारी में हैं जब देश गैर निरुद्ध क्षेत्रों में ज्यादा रियायतें देकर कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन से धीरे-धीरे निकलने की तैयारी कर रहा है। ओडिशा सरकार ने रविवार देर रात जारी एक स्पष्टीकरण में कहा कि केंद्र ने उल्लेख किया है कि राज्य, कोविड-19 स्थिति के अपने आकलन के आधार पर निरुद्ध क्षेत्रों से बाहर कुछ निश्चित गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए अधिकृत हैं इसलिए ऐसे प्रतिबंध जरूरी लगते हैं।
कर्नाटक में भी प्रार्थना स्थल, होटल और रेस्तरां खोले गए
कई मस्जिदों की प्रबंधन समितियों ने बताया कि नमाज चटाई पर नहीं पढ़ी जा रही है और मस्जिद में वुजु के लिए पानी भी नहीं दिया जा रहा है। कुछ मस्जिदों ने तो नमाजियों से घर में ही नमाज पढ़ने की गुजारिश की है। बंगलूरू के आर्क डाइसीस ने कहा कि गिरजाघरों को खोलने का फैसला 13 जून तक टाल दिया गया है। तमिलनाडु में कुछ वक्त पहले दुकानें खोल दी गई थी, लेकिन रेस्तरां बैठकर खाने के लिए बंद हैं, मगर खाने को पैक करा कर ले जाया जा सकता है।
महाराष्ट्र में, मॉल और धार्मिक स्थल बंद रहे
केरल में भी सरकार दफ्तरों ने सोमवार को पूरे स्टाफ के साथ काम करना शुरू कर दिया। इस बाबत सरकार ने आदेश दिया था।