तीन देशों की सरहदों से गुजरने वाली बाइक रैली में भारत के शिवेन दिखा रहे हैं जलवा
जनजातीय जिला लाहौल स्पीति का शिवेन दुनियाभर में माउंटेन बाइकिंग में प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है। यूरोप में अंतरराष्ट्रीय बाइक ट्रांसअल्प में लाहौल के चुलिंग गांव के बाइकर शिवेन भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। दुनिया भर की करीब 600 टीमें इसमें भाग ले रही हैं। शिवेन भारतीय दल में सबसे युवा माउंटेन बाइकर हैं। जबकि पूरे टूर्नामेंट में वह दूसरे सबसे युवा बाइकर हैं। अल्पस पर्वत की चोटियों के अलावा यूरोप के आस्ट्रिया, स्विटजरलैंड और जर्मनी तीन देशों की सरहदों से गुजर कर यह माउंटेन बाइक रैली पूरी होगी।
शिवेन की टीम ने रेस का पहला स्टेज सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सात दिनों तक चलने वाली यह माउंटेन बाइक रेस 23 जुलाई को पूरी होगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी कुरुक्षेत्र में बीटेक मेकेनिकल इंजीनियर के द्वितीय वर्ष का छात्र शिवेन इससे पहले नेशनल साइकिल फेडरेशन में गोल्ड मेडल जीत चुका है।
हीरो साइकिल ने शिवेन को किया है प्रायोजित
शिमला में आयोजित जीटीवी साइकिल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता है। पिता रनबीर नवोदय विद्यालय पानीपत में लाइब्रेरियरन हैं। जबकि माता शक्ति हाउस वाइफ हैं। अमर उजाला से बातचीत में रनबीर ने बताया कि बेटे की इस उपलब्धि पर उन्हें नाज है। माता शक्ति का कहना है कि शिवेन 9वीं क्लास से साइकलिंग कर रहा है। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा गोल्ड मेडल के साथ देश लोटेगा।
हीरो साइकिल कंपनी ने उन्हें प्रायोजित किया है। हीरो साइकिल के एमडी पंकज मुंजल ने बताया कि बाइक टांसअल्प रेस दुनिया के सबसे मुश्किल रेसों में से एक है। उनके मुताबिक शिवेन के अलावा देश के तीन और युवा इसमें भाग ले रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि टीम गोल्ड मेडल जीत कर देश लौटेगी।