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ShivSena in Saamana: गुजरात में डांडिया खेलने वाले समझ लें, महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी
Wed, 22 Jun 2022 10:25 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 22 Jun 2022 10:25 AM IST
सार
सामना में शिवसेना ने लिखा,मां का दूध बेचने वाली औलाद शिवसेना में नहीं, ऐसा शिवसेना प्रमुख हमेशा कहते थे। ऐसे लोग शिवसेना में पैदा हों, यह महाराष्ट्र की मिट्टी से बेईमानी है। शिवसेना मां है। उनकी कसमें खाकर राजनीति करने वालों ने मां के दूध का बाजार शुरू कर दिया है।
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संजय राउत के घर के बाहर लगाए गए पोस्टर
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र में सियासी संकट और उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने सामना में लिखा, महाराष्ट्र की सरकार को गिराने के लिए भाजपा वाले एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं। ढाई वर्ष पूर्व अजीत पवार प्रकरण शुरू हुआ था। उसमें सफलता नहीं मिली। अब वही बेचैन आत्माएं एकनाथ शिंदे की गर्दन पर बैठकर ऑपरेशन कमल कर रही हैं।
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शिवसेना को अस्थिर करना ही इनकी नीति
सामना में शिवसेना ने लिखा, मुंबई पर कब्जा करना है तो शिवसेना को अस्थिर करो यही महाराष्ट्र द्रोहियों की नीति है, लेकिन महाराष्ट्र सयानों का राज्य है। सयानेपन में महाराष्ट्र अन्य राज्यों से दो कदम आगे रहता है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए सामना में लिखा गया कि विधानापरिषद चुनाव के बाद शिवसेना के दस विधायकों को उठाकर गुजरात ले जाया गया। उन्होंने भागने का प्रयास किया तो उन्हें मारा-पीटा गया।
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मां के दूध का बाजार शुरू कर दिया
मुखपत्र में आगे लिखा, महाराष्ट्र में सत्ता की मस्ती नहीं चलेगी। केंद्रीय सत्ता की मस्ती दिखाकर महाराष्ट्र में तोड़-फोड़ की राजनीति शुरू है। मां का दूध बेचने वाली औलाद शिवसेना में नहीं, ऐसा शिवसेना प्रमुख हमेशा कहते थे। ऐसे लोग शिवसेना में पैदा हों, यह महाराष्ट्र की मिट्टी से बेईमानी है। शिवसेना मां है। उनकी कसमें खाकर राजनीति करने वालों ने मां के दूध का बाजार शुरू कर दिया है। उस बाजार के लिए सूरत का चुनाव किया गया।
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महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी
शिवसेना ने कहा, महाराष्ट्र पर वार करने वाले, महाराष्ट्र से बेईमानी करने वालों का क्या होगा? फितूर का बीज बोने वालों का क्या होगा? धर्म के मुखौटे के नीचे अधर्म का साथ देने वालों को जनता माफ करेगी क्या? ये ज्वलंत सवाल है। संकटों और तूफानों से सामना करने की शिवसेना की आदत है। गुजरात की भूमि पर फड़फड़ाने वाले ये इतिहास एक बार फिर समझ लो कि गुजरात में ये मंडली जरूर डांडिया खेले लेकिन महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी, ये निश्चित है।