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जावेद अख्तर को शिवसेना का जवाब: आपने कट्टरपंथियों के मुखौटे फाड़े, फिर भी हमें आरएसएस और तालिबान की तुलना स्वीकार नहीं

Mon, 06 Sep 2021 12:13 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Mon, 06 Sep 2021 12:13 PM IST
सार

जावेद अख्तर की ओर से आरएसएस और तालिबान की तुलना किए जाने के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है कि कुछ लोग तानाशाही लाने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी उनकी एक सीमा है। 
 

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Shiv Senas reply to Javed Akhtar You tore the masks of fundamentalists yet we do not accept the comparison of RSS and Taliban
जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

विस्तार

जावेद अख्तर की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और तालिबान की तुलना किए जाने पर शिवसेना ने जवाब दिया है। अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने लिखा है कि यह तुलना सही नहीं है। आरएसएस अगर तालिबानी विचारों वाला होता तो तीन तलाक के खिलाफ कानून न बना होता। लाखों मुस्लिम महिलाओं को आजादी नहीं मिलती। 

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आगे शिवसेना की ओर से लिखा गया है कि देश में बहुसंख्यक हिंदुओं की आवाज को दबाया न जाए। हमारे देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रयास करने वाले जो संगठन हैं, उनकी हिंदू राष्ट्र निर्माण की अवधारणा सौम्य है। 
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बिना परवाह किए वंदे मातरम गाया, फिर भी यह अस्वीकार्य
सामना में लिखा है कि जावेद अख्तर अपने मुखर बयानों के लिए जाने जाते हैं। देश में जब-जब राष्ट्रदोही विकृतियां उफान पर आती हैं, जावेद अख्तर उन लोगों के मुखौटे फाड़ते हैं। कट्टरपंथियों की परवाह किए बगैर उन्होंने वंदे मातरम गाया है। फिर भी संघ की तालिबान से तुलना हमें अस्वीकार्य है।
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तालिबान मानव जाति के लिए बड़ा खतरा 
शिवसेना की ओर से लिखा गया है कि तालिबानी शासन समाज और मानव जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। पाकिस्तान, चीन जैसे राष्ट्रों ने उसका समर्थन किया है। हिंदुस्तान की मानसिकता वैसी नहीं है। हम सहिष्णु हैं। लोकतंत्र के बुरखे की आड़ में कुछ लोग तानाशाही लाने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी उनकी एक सीमा है। इसलिए यह तुलना उचित नहीं है। तालिबान ने अफगानिस्तान को नर्क बना दिया है। महिलाओं पर जुल्म हो रहे हैं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए हैं। हमारा हिंदुस्तान ऐसा नहीं है। 


बीजेपी बोली, गोल-गोल बातें न करें 
सामना में शिवसेना का लेख आने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई है। बीजेपी विधायक राम कदम ने ट्वीट किया है कि जलेबी की तरह गोल-गोल भाषा। शिवसेना स्वीकार कर रही है कि जावेद अख्तर का बयान गलत है। हमनें शिकायत भी की है। इसके बावजूद अभी तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। किसने रोका है। 

जावेद अख्तर के मुंबई आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई
वहीं जावेद अख्तर के मुंबई स्थित आवास के बाहर सुरक्षा सोमवार को बढ़ा दी गई। एक अधिकारी ने बताया कि जुहू इलाके में इस्कॉन मंदिर के पास स्थित अख्तर के आवास के बाहर पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि महिला कांस्टेबल सहित सुरक्षा कर्मियों को गीतकार के घर के बाहर तैनात किया गया है।

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