संजय राउत बोले: कांग्रेस के बिना विपक्ष का मोर्चा संभव नहीं, तीन-तीन मोर्चों की जरूरत आखिर किसलिए
शिवसेना सांसद संजय राउत और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक के बाद राउत ने कांग्रेस को विपक्ष का अनिवार्य हिस्सा बताया। वहीं, इस बैठक के बाद शिवसेना के यूपीए में शामिल होने की अटकलों के सवाल पर उन्होंने फिलहाल कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। बैठक के बाद राउत ने कहा कि कांग्रेस के बिना विपक्ष का मोर्चा संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नया गठबंधन बनता भी हो तो वह कांग्रेस ने नेतृत्व में काम करेगा।
'तीसरे मोर्चे की कोई आवश्यकता नहीं है, कांग्रेस के साथ कई पार्टियां हैं'
इसके साथ ही राउत ने यह कहते हुए तीसरे मोर्चे की आवश्यकता को खारिज कर दिया कि कांग्रेस के साथ कई पार्टियां हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'तीन-तीन मोर्चों की जरूरत आखिर किसलिए है? इतने मोर्चों का क्या किया जाएगा? इस तरह से हम जनता के सामने भाजपा का विकल्प नहीं दे पाएंगे।'
शिवसेना के यूपीए में शामिल होने की संभावना के सवाल पर कही ये बात
इस सवाल पर कि क्या शिवसेना यूपीए में शामिल होगी, राउत ने कहा कि यह एक लंबी बैठक थी, मैं पहले उद्धव ठाकरे से मिलूंगा और फिर हम इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने कहा,विपक्षी दलों की एक बैठक करने की कोशिश हो रही है। मैंने राहुल गांधी से इसे लेकर पहल करने का अनुरोध किया है।
आज राहुल गांधी से मिले संजय राउत कल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
कुछ दिन पहले एनसीपी प्रमुख से मिली थीं ममता बनर्जी
महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की गठबंधन सरकार है। राहुल गांधी और संजय राउत की यह बैठक बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी और एनसीपी के प्रमुख शरद पवार की मुंबई में हुई मुलाकात के कुछ दिन बात हुई है।
इस बैठक में ममता बनर्जी की एक टिप्पणी पर खासा विवाद हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में कोई यूपीए नहीं बची है। उनके इस बयान ने इन अटकलों को खूब हवा दी कि ममता बनर्जी देश में ऐसा विपक्ष तैयार करने की कोशिश कर रही हैं जिसमें कांग्रेस पार्टी की कोई भूमिका नहीं होगी।
नवाब मलिक ने कहा- केवल एक विपक्षी मोर्चा होगा
वहीं, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि केवल एक विपक्षी मोर्चा होगा। हम (राकांपा) चाहते हैं कि सभी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ खड़े हों। अगर शिवसेना और कांग्रेस एक साथ आ सकते हैं तो हमारे नेता उन्हें (सभी विपक्षी दलों को) साथ ला सकते हैं। हम यूपी में समाजवादी पार्टी का समर्थन करते हैं।
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने दिल्ली में कहा कि मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत चल रही है।