Shiv Sena Crisis: उद्धव गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे चुनाव चिह्न के विकल्प, शाम को शिंदे खेमे की अहम बैठक
इस बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि उद्धव कुछ भी नहीं हैं, यह उद्धव बालासाहेब ठाकरे हैं और यही मुझे महत्वपूर्ण बनाता है। मुझे आज भी 19 जून, 1966 को शिवसेना का स्थापना दिवस याद है, जब शिवाजी पार्क में सेना का गठन हुआ था। मार्मिक साप्ताहिक के जरिए बालासाहेब मराठी मानुषों के मुद्दों को उठाते थे।
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मुंबई के अंधेरी ईस्ट में होने वाले उप-चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के नाम और निशान की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। मातोश्री में उद्धव गुट के नेताओं की बैठक में चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार पार्टी का नए नाम और चिह्न पर चर्चा हुई। इस बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि उद्धव कुछ भी नहीं हैं, यह उद्धव बालासाहेब ठाकरे हैं और यही मुझे महत्वपूर्ण बनाता है। मुझे आज भी 19 जून, 1966 को शिवसेना का स्थापना दिवस याद है, जब शिवाजी पार्क में सेना का गठन हुआ था। मार्मिक साप्ताहिक के जरिए बालासाहेब मराठी मानुषों के मुद्दों को उठाते थे। देर शाम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अहम बैठक करने वाले हैं।
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने बताया कि हमारी पार्टी का नाम शिवसेना है। अगर चुनाव आयोग शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे)', 'शिवसेना (प्रबोधनकर ठाकरे)' या 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' सहित शिवसेना से संबंधित कोई भी नाम देता है, तो वह हमें स्वीकार्य होगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारे चुनाव चिन्ह को सील कर दिया है। उन्होंने हमें चिन्हों के सुझाव मांगे थे जिस पर उद्धव ठाकरे ने 'त्रिशूल', 'मशाल' और 'उगता हुआ सूरज' चिन्ह चुनाव आयोग को दिए हैं। चुनाव आयोग तय कर चुनाव चिन्ह देगा।
इससे पहले शनिवार को चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न यानी तीर-कमान पर फिलहाल रोक लगा दी थी। आने उपचुनाव में दोनों में से कोई भी गुट इस चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से कहा था कि वे उपचुनावों के लिए अधिसूचित फ्री सिंबल की लिस्ट से अलग-अलग चुनाव चिह्न चुनें और दस तारीख तक बता दें।
उद्धव ने ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया
इस बीच अपने ऑनलाइन संबोधन में ठाकरे ने आयोग के इस कदम को अन्याय करार दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं निर्वाचन आयोग से मेरी पार्टी के लिए जल्द से जल्द एक चुनाव चिह्न और नाम को अंतिम रूप देने की अपील करता हूं क्योंकि हमें लोगों के पास जाना है और उपचुनाव का सामना करना है। मैं आयोग के फैसले से स्तब्ध हूं, लेकिन मेरा विश्वास नहीं डगमगाया है और शिवसेना समर्थकों पर भी मेरा भरोसा कायम है। उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला।
आयोग के अंतिम निर्णय में शिंदे खेमा जीतेगा: फडणवीस
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले शिवसेना गुट को पार्टी पर कब्जा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जब शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न के बारे में अंतिम निर्णय लेगा तो शिंदे गुट की जीत होगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना का नाम और निशान फ्रीज किए जाने संबंधी आयोग के अंतरिम निर्णय से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई।
दीपक केसरकर ने कही यह बात
महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने कहा, शिंदे गुट के पास सबसे अधिक विधायक और सांसद हैं। इसके बावजूद आयोग ने चुनाव निशान फ्रीज कर दिया है। फिर भी हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने ठाकरे गुट पर यह कहते हुए हमला बोला के अंतरिम आदेश के तुरंत बाद वैकल्पिक निशानों के साथ उनका चुनाव आयोग पहुंचना दिखाता है कि वे पहले से इसके लिए तैयार थे। ऐसा लगता है कि उन्हें पार्टी के निशान तीर-कमान से कोई लगाव नहीं था।
दरअसल, तीन नवंबर को महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। इस सीट से अब तक शिवसेना के रमेश लटके विधायक थे। रमेश अपने परिवार के साथ दुबई गए थे, जहां दिल का दौरा पड़ने के कारण 12 मई को उनका निधन हो गया।
चुनाव आयोग ने तीन नवंबर को यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इसके लिए शिंदे गुट और भाजपा ने मिलकर यहां से पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। पटेल के सामने उद्धव गुट का उम्मीदवार भी होगा। उद्धव गुट को कांग्रेस, एनसीपी का भी समर्थन मिला है। उद्धव ठाकरे के हटने और शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहला चुनाव है। ऐसे में दोनों गुटों के लिए ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।