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एनडीए के समर्थन में आई शिवसेना, कहा- किसानों के हित में है कृषि सुधार विधेयक

Thu, 24 Sep 2020 11:09 PM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, मुंबई
अमर उजाला नेटवर्क, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 24 Sep 2020 11:09 PM IST
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Shiv Sena came in support of NDA, maharashtra agriculture minister Dada ji bhuse says, Farmers Reform Bill is in the interest of farmers
Dada ji bhuse - फोटो : facebook@Dada ji bhuse

संसद में पारित कृषि सुधार विधेयकों को लेकर महाराष्ट्र में तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल बंट गए हैं। शिवसेना नेता तथा प्रदेश के कृषि मंत्री दादाजी भुसे ने कृषि विधयकों का समर्थन किया है।  गुरुवार को मंत्रालय में भुसे ने कहा कि कृषि विधेयकों पर कांग्रेस का अलग मत हो सकता है लेकिन शिवसेना स्वतंत्र पार्टी है जिसकी भूमिका पार्टी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तय करते हैं।

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राज्य के कृषि मंत्री भुसे ने कहा कि कृषि विधेयकों में कई मुद्दे किसानों के हित में हैं। अब किसान अपनी फसल के उत्पाद सीधे ग्राहकों और व्यापारियों को बेच सकते हैं। लेकिन किसानों को उत्पाद के पैसे मिलने की कानूनन गारंटी होनी चाहिए। भुसे ने कहा कि महाराष्ट्र में व्यापारियों को लेकर किसानों का कटु अनुभव रहा है।
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कई बार ऐसा होता है कि शुरुआत में व्यापारी किसानों को थोड़े ज्यादा पैसे देकर अपनी अच्छी छवि बना लेते हैं। लेकिन कुछ दिन बाद ये व्यापारी किसानों के उत्पाद खरीदकर फरार हो जाते हैं। बता दें कि शिवसेना ने लोकसभा में कृषि सुधार विधेयकों का समर्थन किया था। लेकिन राज्यसभा में भाषण के उपरांत सदन का बहिष्कार कर दिया था। शिवसेना के इस कदम से प्रत्यक्ष केंद्र सरकार को ही फायदा हुआ था।
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दूसरी ओर, कांग्रेस इसको लेकर पहले से ही विरोध में है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्य के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कृषि विधेयकों का विरोध किया था। उनका कहना है कि कृषि सुधार विधेयक उद्योगपतियों के लाभ के लिए लाया गया है।


जबकि शरद पवार की पार्टी एनसीपी के सांसदों ने राज्यसभा में विधेयक पेश किए जाने के समय वॉक आउट कर शिवसेना की ही तरह अप्रत्यक्ष रूप से विधेयकों का समर्थन किया था। जब संसद में विधेयक पारित हो गया तब एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध कर रहे है।

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