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BJP: दिल्ली सरकार पर शाजिया इल्मी ने साधा निशाना, बोलीं- बीजेपी बनाएगी सरकार
सार
Shazia Ilmi: कुरान की बेअदबी के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश यादव को दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। भाजपा ने केजरीवाल से नरेश यादव को तत्काल आम आदमी पार्टी से निकाले जाने की मांग की है। बीजेपी ने इस मामले में विपक्ष के तमाम नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। इस विषय पर हमारे संवाददाता ने भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी से विस्तार से बातचीत की।
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भाजपा नेता शाजिया इल्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुरान की बेअदबी के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश यादव को दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। भाजपा ने केजरीवाल से नरेश यादव को तत्काल आम आदमी पार्टी से निकाले जाने की मांग की है। बीजेपी ने इस मामले में विपक्ष के तमाम नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। इस विषय पर हमारे संवाददाता ने भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी से विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-
प्रश्न- शाजिया इल्मी जी, नरेश यादव के मामले पर भाजपा बहुत हमलावर है। इसका कारण क्या है?
उत्तर- देखिये, ये एक सामान्य अपराध नहीं है। यह दो संप्रदायों के बीच आग भड़काने का बेहद गंभीर मामला है। हम इतिहास में देख चुके हैं कि इस तरह के सांप्रदायिक विवादों का कितना भयावह अंजाम होता है। इस तरह की घटनाओं की चपेट में आकर कई बार सैकड़ों निर्दोष मासूम लोगों की जान तक जा चुकी है। ऐसे में यह सामान्य मामला नहीं है। यह बेहद जघन्य अपराध है। विशेषकर यह देखते हुए कि राजनीतिक लाभ पाने के लिए इसे पूरी साजिश के साथ अंजाम दिया गया। आम आदमी पार्टी की कोशिश थी कि इस तरह के दंगे भड़काकर एक पूरी जमात का वोट हासिल किया जाए। लेकिन यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी वोटों के लिए किस हद तक जा सकती है। उसे लोगों की जान की परवाह नहीं है। अरविंद केजरीवाल वोटों के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
प्रश्न- क्या आप यह आरोप लगा रही हैं कि आप नेताओं के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया?
उत्तर- बिल्कुल। मैं आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रही हूं। मैंने पार्टी में लंबे समय तक काम किया है। मैं जानती हूं कि वे किस तरह सोचते हैं और क्या कर सकते हैं। मुझे पूरी आशंका है कि आप नेता इस साजिश में शामिल रहे होंगे। उनकी शह पर ही नरेश यादव ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। इस मामले में नरेश यादव को तो सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन अरविंद केजरीवाल की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
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प्रश्न- अरविंद केजरीवाल लगातार दिल्ली की सुरक्षा का मामला उठा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में अपराध बहुत बढ़ गया है। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उत्तर- देखिए, दिल्ली की स्थिति एक दिन में अच्छी या बुरी नहीं हुई है। पुलिस इस पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है। अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो रही है। लेकिन असली सवाल तो अरविंद केजरीवाल जैसे उन लोगों का है जो घोषित और गंभीर आरोपों से घिरे अपराधियों के साथ खड़े होने में भी शर्म नहीं महसूस कर रहे हैं। कल तक तो वे कहते थे कि आरोप लगते ही नेता को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, निर्दोष साबित होने के बाद ही अपना पद ग्रहण करना चाहिए। लेकिन भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब शराब घोटाले जैसे गंभीर मामलों में घिरे मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और जेल में रहकर भी अपना पद नहीं छोड़ा। भारत के इतिहास में इससे बड़ा गलत काम और कुछ नहीं हो सकता जहां राज्य का मुखिया इतने संगीन आरोपों में लिप्त होने के बाद भी अपना पद न छोड़े।
आम आदमी पार्टी का नेता नरेश बाल्यान खुलेआम एक घोषित अपराधी के साथ लोगों से पैसे वसूलने की बात करते हुए पाया गया, पुलिस ने उसे गिरफ्तार तक कर लिया, लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल उसका बचाव कर रहे हैं, क्या यह शर्मनाक नहीं है? देश के लोकतंत्र के लिए इससे ज्यादा खतरनाक और शर्मनाक और क्या हो सकता है?
केजरीवाल दिल्ली की सुरक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या इस तरह आम आदमी पार्टी का अपराधियों के साथ खुलेआम खड़े होना अपराधियों के हौसले नहीं बुलंद करता है? आम आदमी पार्टी की सरकार है, केजरीवाल लगातार दस साल मुख्यमंत्री रहे हैं, आज भी अप्रत्यक्ष तरीके से वही मुख्यमंत्री हैं। क्या दिल्ली के अपराध कम करने के लिए उनकी कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए?
क्या नरेश बाल्यान, अमानतुल्लाह खान, ताहिर हुसैन जैसे बेहद गंभीर आरोपों में लिप्त अपराधियों के साथ खड़े होकर वे दिल्ली के अपराध को कम करने की कोशिश कर रहे हैं या उसे बढ़ावा दे रहे हैं? केजरीवाल के पास अपराध पर सवाल खड़े करने का कोई नैतिक आधार नहीं है। यदि वे दिल्ली के अपराधों पर जरा भी गंभीर हैं तो नरेश बाल्यान, नरेश यादव, अमानतुल्लाह खान जैसे अपराधियों को तुरंत पार्टी से निकाल बाहर करें। पर मुझे लगता है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी आज जहां पहुंच चुके हैं, वहां से वापस लौट पाना संभव नहीं है।
प्रश्न- दिल्ली में जनवरी-फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। क्या यह सब उससे जोड़कर नहीं देखा जाएगा?
उत्तर- बिल्कुल नहीं। यह चुनाव से जुड़ा मामला नहीं है। यह दिल्ली की दो करोड़ लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है। लेकिन चुनाव के दौरान दिल्ली के लोगों को यह पता तो चलना ही चाहिए कि अरविंद केजरीवाल की असलियत क्या है। जनता को यह तय करने दीजिए कि इस देश की राजधानी को किस तरह से चलाया जाना चाहिए, कौन इसे चलाए, यह इससे जुड़ा मामला है।
प्रश्न- केजरीवाल का दावा है कि वे एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाने में सफल रहेंगे। मुफ्त बिजली-पानी आज भी उनका सबसे बड़ा दांव है।
उत्तर- अपने कार्यकर्ताओं को दिखाने के लिए इस तरह की बात कहना सामान्य है, लेकिन असलियत यह है कि अरविंद केजरीवाल को भी पता है कि शराब घोटाले के बाद लोग उनके असली इरादों को पहचान गए हैं। लोग यह जान गए हैं कि सामान्य आदमी की तरह रहने की बात करने वाले केजरीवाल अब सोने की टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करते हैं। उनके शीश महल से जिस तरह लाखों रुपये की टीवी, दर्जनों एयर कंडीशनर और लाखों रुपये के ऑटोमैटिक परदे पाए गए हैं, उससे इनकी असलियत का पर्दाफाश हो चुका है।
जनता को केवल फ्री बिजली-पानी ही नहीं चाहिए, उसे एक शांतिपूर्ण माहौल और सही इरादों वाला नेता भी चाहिए। जनता देख रही है कि केजरीवाल उसे केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ नहीं लेने दे रहे हैं जिससे उसे पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है। गरीब-मध्यम वर्ग के लिए पांच लाख रुपये तक का इलाज बहुत बड़ी बात है, लेकिन केजरीवाल इस योजना को लागू नहीं होने दे रहे। कोर्ट ने भी केजरीवाल से सवाल पूछे हैं कि यदि दिल्ली के लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिले तो आपको क्या आपत्ति है।
इसी तरह वे दिल्ली के गरीब लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं लेने दे रहे। केवल इसलिए क्योंकि यदि लोगों को पीएम योजनाओं का लाभ मिला तो इससे दिल्ली के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी और भाजपा की लोकप्रियता बढ़ जाएगी। क्या इस तरह की नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति दिल्ली का नेता होना चाहिए। मुझे लगता है कि जनता केजरीवाल की असलियत देख चुकी है। अब इनकी राजनीतिक पारी समाप्त हो चुकी है।
प्रश्न- अंतिम प्रश्न, दिल्ली में केजरीवाल के सामने भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। आम आदमी पार्टी कहती है कि प्रधानमंत्री जी दिल्ली में शासन करने के लिए नहीं आएंगे। ऐसे में बिना चेहरे के आप चुनाव कैसे जीतेंगे?
उत्तर- महाराष्ट्र में हमने मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं दिया था, लेकिन जनता ने प्रचंड बहुमत दिया है। क्योंकि जनता को पता है कि भाजपा की सरकारों में दिशा निर्देश एक ऐसे महान व्यक्ति की तरफ से आता है जिसके लिए जनता की सेवा करना ही जीवन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ा हमारा कोई चेहरा नहीं हो सकता। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और हमारी जनसेवा को देखते हुए भाजपा को ही अवसर देगी। हम पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे।
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प्रश्न- शाजिया इल्मी जी, नरेश यादव के मामले पर भाजपा बहुत हमलावर है। इसका कारण क्या है?
उत्तर- देखिये, ये एक सामान्य अपराध नहीं है। यह दो संप्रदायों के बीच आग भड़काने का बेहद गंभीर मामला है। हम इतिहास में देख चुके हैं कि इस तरह के सांप्रदायिक विवादों का कितना भयावह अंजाम होता है। इस तरह की घटनाओं की चपेट में आकर कई बार सैकड़ों निर्दोष मासूम लोगों की जान तक जा चुकी है। ऐसे में यह सामान्य मामला नहीं है। यह बेहद जघन्य अपराध है। विशेषकर यह देखते हुए कि राजनीतिक लाभ पाने के लिए इसे पूरी साजिश के साथ अंजाम दिया गया। आम आदमी पार्टी की कोशिश थी कि इस तरह के दंगे भड़काकर एक पूरी जमात का वोट हासिल किया जाए। लेकिन यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी वोटों के लिए किस हद तक जा सकती है। उसे लोगों की जान की परवाह नहीं है। अरविंद केजरीवाल वोटों के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
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प्रश्न- क्या आप यह आरोप लगा रही हैं कि आप नेताओं के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया?
उत्तर- बिल्कुल। मैं आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रही हूं। मैंने पार्टी में लंबे समय तक काम किया है। मैं जानती हूं कि वे किस तरह सोचते हैं और क्या कर सकते हैं। मुझे पूरी आशंका है कि आप नेता इस साजिश में शामिल रहे होंगे। उनकी शह पर ही नरेश यादव ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। इस मामले में नरेश यादव को तो सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन अरविंद केजरीवाल की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
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प्रश्न- अरविंद केजरीवाल लगातार दिल्ली की सुरक्षा का मामला उठा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में अपराध बहुत बढ़ गया है। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उत्तर- देखिए, दिल्ली की स्थिति एक दिन में अच्छी या बुरी नहीं हुई है। पुलिस इस पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है। अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो रही है। लेकिन असली सवाल तो अरविंद केजरीवाल जैसे उन लोगों का है जो घोषित और गंभीर आरोपों से घिरे अपराधियों के साथ खड़े होने में भी शर्म नहीं महसूस कर रहे हैं। कल तक तो वे कहते थे कि आरोप लगते ही नेता को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, निर्दोष साबित होने के बाद ही अपना पद ग्रहण करना चाहिए। लेकिन भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब शराब घोटाले जैसे गंभीर मामलों में घिरे मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और जेल में रहकर भी अपना पद नहीं छोड़ा। भारत के इतिहास में इससे बड़ा गलत काम और कुछ नहीं हो सकता जहां राज्य का मुखिया इतने संगीन आरोपों में लिप्त होने के बाद भी अपना पद न छोड़े।
आम आदमी पार्टी का नेता नरेश बाल्यान खुलेआम एक घोषित अपराधी के साथ लोगों से पैसे वसूलने की बात करते हुए पाया गया, पुलिस ने उसे गिरफ्तार तक कर लिया, लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल उसका बचाव कर रहे हैं, क्या यह शर्मनाक नहीं है? देश के लोकतंत्र के लिए इससे ज्यादा खतरनाक और शर्मनाक और क्या हो सकता है?
केजरीवाल दिल्ली की सुरक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या इस तरह आम आदमी पार्टी का अपराधियों के साथ खुलेआम खड़े होना अपराधियों के हौसले नहीं बुलंद करता है? आम आदमी पार्टी की सरकार है, केजरीवाल लगातार दस साल मुख्यमंत्री रहे हैं, आज भी अप्रत्यक्ष तरीके से वही मुख्यमंत्री हैं। क्या दिल्ली के अपराध कम करने के लिए उनकी कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए?
क्या नरेश बाल्यान, अमानतुल्लाह खान, ताहिर हुसैन जैसे बेहद गंभीर आरोपों में लिप्त अपराधियों के साथ खड़े होकर वे दिल्ली के अपराध को कम करने की कोशिश कर रहे हैं या उसे बढ़ावा दे रहे हैं? केजरीवाल के पास अपराध पर सवाल खड़े करने का कोई नैतिक आधार नहीं है। यदि वे दिल्ली के अपराधों पर जरा भी गंभीर हैं तो नरेश बाल्यान, नरेश यादव, अमानतुल्लाह खान जैसे अपराधियों को तुरंत पार्टी से निकाल बाहर करें। पर मुझे लगता है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी आज जहां पहुंच चुके हैं, वहां से वापस लौट पाना संभव नहीं है।
प्रश्न- दिल्ली में जनवरी-फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। क्या यह सब उससे जोड़कर नहीं देखा जाएगा?
उत्तर- बिल्कुल नहीं। यह चुनाव से जुड़ा मामला नहीं है। यह दिल्ली की दो करोड़ लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है। लेकिन चुनाव के दौरान दिल्ली के लोगों को यह पता तो चलना ही चाहिए कि अरविंद केजरीवाल की असलियत क्या है। जनता को यह तय करने दीजिए कि इस देश की राजधानी को किस तरह से चलाया जाना चाहिए, कौन इसे चलाए, यह इससे जुड़ा मामला है।
प्रश्न- केजरीवाल का दावा है कि वे एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाने में सफल रहेंगे। मुफ्त बिजली-पानी आज भी उनका सबसे बड़ा दांव है।
उत्तर- अपने कार्यकर्ताओं को दिखाने के लिए इस तरह की बात कहना सामान्य है, लेकिन असलियत यह है कि अरविंद केजरीवाल को भी पता है कि शराब घोटाले के बाद लोग उनके असली इरादों को पहचान गए हैं। लोग यह जान गए हैं कि सामान्य आदमी की तरह रहने की बात करने वाले केजरीवाल अब सोने की टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करते हैं। उनके शीश महल से जिस तरह लाखों रुपये की टीवी, दर्जनों एयर कंडीशनर और लाखों रुपये के ऑटोमैटिक परदे पाए गए हैं, उससे इनकी असलियत का पर्दाफाश हो चुका है।
जनता को केवल फ्री बिजली-पानी ही नहीं चाहिए, उसे एक शांतिपूर्ण माहौल और सही इरादों वाला नेता भी चाहिए। जनता देख रही है कि केजरीवाल उसे केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ नहीं लेने दे रहे हैं जिससे उसे पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है। गरीब-मध्यम वर्ग के लिए पांच लाख रुपये तक का इलाज बहुत बड़ी बात है, लेकिन केजरीवाल इस योजना को लागू नहीं होने दे रहे। कोर्ट ने भी केजरीवाल से सवाल पूछे हैं कि यदि दिल्ली के लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिले तो आपको क्या आपत्ति है।
इसी तरह वे दिल्ली के गरीब लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं लेने दे रहे। केवल इसलिए क्योंकि यदि लोगों को पीएम योजनाओं का लाभ मिला तो इससे दिल्ली के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी और भाजपा की लोकप्रियता बढ़ जाएगी। क्या इस तरह की नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति दिल्ली का नेता होना चाहिए। मुझे लगता है कि जनता केजरीवाल की असलियत देख चुकी है। अब इनकी राजनीतिक पारी समाप्त हो चुकी है।
प्रश्न- अंतिम प्रश्न, दिल्ली में केजरीवाल के सामने भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। आम आदमी पार्टी कहती है कि प्रधानमंत्री जी दिल्ली में शासन करने के लिए नहीं आएंगे। ऐसे में बिना चेहरे के आप चुनाव कैसे जीतेंगे?
उत्तर- महाराष्ट्र में हमने मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं दिया था, लेकिन जनता ने प्रचंड बहुमत दिया है। क्योंकि जनता को पता है कि भाजपा की सरकारों में दिशा निर्देश एक ऐसे महान व्यक्ति की तरफ से आता है जिसके लिए जनता की सेवा करना ही जीवन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ा हमारा कोई चेहरा नहीं हो सकता। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और हमारी जनसेवा को देखते हुए भाजपा को ही अवसर देगी। हम पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे।