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BJP ने मेरे साथ सौतेले बेटे जैसे बर्ताव किया, अब खुली हवा में सांस ले रहा हूं: शत्रुघ्न सिन्हा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Feb 2018 09:19 PM IST
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शत्रुघ्न सिन्हा
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मशहूर अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि भाजपा में उनके साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि वे भाजपा में दबाव महसूस कर रहे था, अब उन्हें मुक्ति का अहसास हो रहा है। शत्रुघ्न सिन्हा नरेंद्र मोदी सरकार से जुड़े मुद्दों को आवाज देने के लिए बने गैर राजनीतिक 'राष्ट्र मंच' से जुड़ गए हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि, 'हम कुछ बेचैन दिमागों में राष्ट्र मंच की अवधारणा काम कर रही थी।' इस मंच को साकार करने के लिए उन्होंने घनश्याम तिवारी और के.सी. सिंह को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, 'राष्ट्र मंच का हिस्सा बनकर खुली हवा में सांस लेने जैसा अहसास हो रहा है। इसमें शामिल होने के बाद मैं देश की भलाई के लिए अपने विचार स्वतंत्र होकर व्यक्त कर सकता हूं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना मुक्त महसूस कर रहा हूं। खुली हवा में सांस लेने का मजा ही कुछ और है।'
शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत के दौरान उनसे यह कहे जाने पर कि उनकी मूल पार्टी भाजपा ने उन्हें कभी बोलने से रोका नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि, 'मेरी मूल पार्टी भाजपा ने मुझे बोलने के अलावा और कोई काम नहीं करने दिया। मुझे यह महसूस होता था कि भाजपा मेरे साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार कर रही है।
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सच कहूं तो मैं दबा-दबा महसूस करता था। मेरे आदरणीय यशवंत सिन्हा जी जब मेरे पास यह गैर राजनीतिक मंच का विचार लेकर आए तो मैने तुरंत हां कर दी। आप देखिए हम भाजपा से अलग नहीं हुए हैं। हमने अपनी मूल पार्टी से विद्रोह नहीं किया है। हमने कोई सीमा नहीं तोड़ी है।'
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शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि, 'हम कुछ बेचैन दिमागों में राष्ट्र मंच की अवधारणा काम कर रही थी।' इस मंच को साकार करने के लिए उन्होंने घनश्याम तिवारी और के.सी. सिंह को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, 'राष्ट्र मंच का हिस्सा बनकर खुली हवा में सांस लेने जैसा अहसास हो रहा है। इसमें शामिल होने के बाद मैं देश की भलाई के लिए अपने विचार स्वतंत्र होकर व्यक्त कर सकता हूं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना मुक्त महसूस कर रहा हूं। खुली हवा में सांस लेने का मजा ही कुछ और है।'
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शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत के दौरान उनसे यह कहे जाने पर कि उनकी मूल पार्टी भाजपा ने उन्हें कभी बोलने से रोका नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि, 'मेरी मूल पार्टी भाजपा ने मुझे बोलने के अलावा और कोई काम नहीं करने दिया। मुझे यह महसूस होता था कि भाजपा मेरे साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार कर रही है।
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सच कहूं तो मैं दबा-दबा महसूस करता था। मेरे आदरणीय यशवंत सिन्हा जी जब मेरे पास यह गैर राजनीतिक मंच का विचार लेकर आए तो मैने तुरंत हां कर दी। आप देखिए हम भाजपा से अलग नहीं हुए हैं। हमने अपनी मूल पार्टी से विद्रोह नहीं किया है। हमने कोई सीमा नहीं तोड़ी है।'
पहले बता दूं हमारा क्या उद्देश्य नहीं है: शत्रुघ्न
राष्ट्र मंच का क्या मकसद है। इस बारे में सवाल किए जाने पर शत्रुघ्न ने कहा कि, 'पहले तो मैं आपको बता दूं कि हमारा क्या उद्देश्य नहीं है। राष्ट्र मंच के जरिये कोई चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। इन मायनों में यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है। हमारा उद्देश्य साथ मिलकर सामाजिक व्यवस्था में सुधार लाना है। इसमें हम आर्थिक मुद्दों और गरीबों की जरूरतों के मुद्दे उठाएंगे। किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, सीमा पर और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे उठाएंगे।
क्या उन्हें इन मुद्दों पर बोलने की इजाजत मिल गई है? इस सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, 'क्यों, अनुमति क्यों नहीं मिलेगी? क्या देश के सबसे बड़े और मजबूत एक्शन हीरो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुधार और बदलाव नहीं चाहते हैं? उनके हाथ मजबूत करने के लिए हमने इस मंच को शुरू किया है, जैसे जयप्रकाश नारायण और वी.पी. सिंह ने एक पार्टी बनाई थी जिससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी संबद्ध था। हमारी पार्टी में एक जैसी मानसिकता के लोग हैं और हमारे लक्ष्य हमारे दिल में हैं। पवन वर्मा, दिनेश तिवारी, रेणुका चौधरी, सोम पाल जैसे आशावादी नेता हमारे साथ हैं. इसलिए अपना लक्ष्य पाने के लिए हम आशावादी और सक्षम महसूस करते हैं।'
भाजपा के तेलंगाना प्रवक्ता कृष्ण सागर ने कहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा सारी सीमाएं लांघ चुके हैं। इस बारे में सवाल किए जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने एक गीत गाकर जवाब दिया, 'इस सागर में कितनी गहराई है ये तो सबको मालूम है।'
क्या उन्हें इन मुद्दों पर बोलने की इजाजत मिल गई है? इस सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, 'क्यों, अनुमति क्यों नहीं मिलेगी? क्या देश के सबसे बड़े और मजबूत एक्शन हीरो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुधार और बदलाव नहीं चाहते हैं? उनके हाथ मजबूत करने के लिए हमने इस मंच को शुरू किया है, जैसे जयप्रकाश नारायण और वी.पी. सिंह ने एक पार्टी बनाई थी जिससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी संबद्ध था। हमारी पार्टी में एक जैसी मानसिकता के लोग हैं और हमारे लक्ष्य हमारे दिल में हैं। पवन वर्मा, दिनेश तिवारी, रेणुका चौधरी, सोम पाल जैसे आशावादी नेता हमारे साथ हैं. इसलिए अपना लक्ष्य पाने के लिए हम आशावादी और सक्षम महसूस करते हैं।'
भाजपा के तेलंगाना प्रवक्ता कृष्ण सागर ने कहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा सारी सीमाएं लांघ चुके हैं। इस बारे में सवाल किए जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने एक गीत गाकर जवाब दिया, 'इस सागर में कितनी गहराई है ये तो सबको मालूम है।'