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'विदेश मंत्री थोड़ा शांत रहें': पश्चिमी देशों पर एस जयशंकर की टिप्पणी पर शशि थरूर की सलाह, कह दी ये बड़ी बात
Mon, 03 Apr 2023 01:37 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 03 Apr 2023 01:37 PM IST
सार
एक दिन पहले ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर और कांग्रेस सांसद शशि थरूर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिमी देशों पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान आया है। थरूर ने विदेश मंत्री को थोड़ा शांत रहने की सलाह दी और कहा कि हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें किसी की टिप्पणी पर इतना दुबला होने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सरकार के रूप में वहां (पश्चिमी देशों) से आने वाली टिप्पणियों को सामान्य तरह से लें। अगर हम हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करते हैं, तो हम खुद का नुकसान कर रहे हैं। मैं विदेश मंत्री जयशंकर से थोड़ा शांत रहने का आग्रह करूंगा।'
बता दें कि एक दिन पहले ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है।
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क्या कहा था विदेश मंत्री ने?
दरअसल, विदेश मंत्री रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने की पश्चिम की आदत की आलोचना की है। जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैं आपको सच्चा जवाब दूंगा (हम पश्चिम को भारत पर टिप्पणी क्यों करते देखते हैं)। इसके दो कारण हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है। उन्हें अनुभव से ही सीखना होगा कि अगर वे ऐसा करते रहेंगे तो दूसरे लोग भी कमेंट करने लगेंगे और ऐसा होने पर उन्हें अच्छा नहीं लगेगा और मैं देख रहा हूं कि ऐसा हो रहा है।'
उन्होंने आगे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सच्चाई का दूसरा भाग- हमारे तर्कों में। आप लोगों को आप पर टिप्पणी करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। फिर ज्यादा से ज्यादा लोग टिप्पणी करना चाहते हैं। हमें दुनिया को यह कहते हुए उदार निमंत्रण देना बंद करना होगा कि समस्याएं हैं।
जयशंकर ने आगे कहा, भारत में और अमेरिका और दुनिया में आप कुछ भी नहीं करके क्यों खड़े हैं? तो अगर यहां से कोई जाता है और कहता है कि आप क्यों खड़े हैं और कुछ नहीं कह रहे हैं, तो जाहिर है कि वे टिप्पणी करने जा रहे हैं। समस्या उनकी तरफ से है और समस्या का एक हिस्सा हम हैं और मुझे लगता है कि दोनों को ठीक करने की जरूरत है।'
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बता दें कि एक दिन पहले ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है।
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क्या कहा था विदेश मंत्री ने?
दरअसल, विदेश मंत्री रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने की पश्चिम की आदत की आलोचना की है। जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैं आपको सच्चा जवाब दूंगा (हम पश्चिम को भारत पर टिप्पणी क्यों करते देखते हैं)। इसके दो कारण हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है। उन्हें अनुभव से ही सीखना होगा कि अगर वे ऐसा करते रहेंगे तो दूसरे लोग भी कमेंट करने लगेंगे और ऐसा होने पर उन्हें अच्छा नहीं लगेगा और मैं देख रहा हूं कि ऐसा हो रहा है।'
उन्होंने आगे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सच्चाई का दूसरा भाग- हमारे तर्कों में। आप लोगों को आप पर टिप्पणी करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। फिर ज्यादा से ज्यादा लोग टिप्पणी करना चाहते हैं। हमें दुनिया को यह कहते हुए उदार निमंत्रण देना बंद करना होगा कि समस्याएं हैं।
जयशंकर ने आगे कहा, भारत में और अमेरिका और दुनिया में आप कुछ भी नहीं करके क्यों खड़े हैं? तो अगर यहां से कोई जाता है और कहता है कि आप क्यों खड़े हैं और कुछ नहीं कह रहे हैं, तो जाहिर है कि वे टिप्पणी करने जा रहे हैं। समस्या उनकी तरफ से है और समस्या का एक हिस्सा हम हैं और मुझे लगता है कि दोनों को ठीक करने की जरूरत है।'