'गालिब' का शेर ट्वीट कर फंसे थरूर, बोले- मुझे गलत जानकारी, फिर भी इनका मजा लीजिए
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दरअसल थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर एक शेर पोस्ट कर उसे गालिब का बताया और लिखा कि आज मशहूर शायर मिर्जा गालिब की 220वीं जयंती है। जिसके बाद उनकी इस गलती को गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सुधारा।
थरूर के इस ट्वीट पर जावेद अख्तर ने लिखा, 'शशि जी, जिन्होंने कभी आपको ये पंक्तियां दी हैं, उन पर फिर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। यह स्वाभाविक है कि किसी ने आपकी पोस्ट में ये लाइनें डाल दी हों। लेकिन, ऐसा करके उसने आपकी बौद्धिक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है।
ख़ुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा?
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 20, 2019
सभी बन्दे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा?
ऐ ख़ुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना
वरना मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा
और रखना मेरे दुश्मनों को भी महफूज़
वरना मेरी तेरे पास आने की दुआ कौन करेगा...!!!
Mirza Ghalib’s 220th birthday. So many great lines....
जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर थरूर ने कहा, 'जावेद जी और दूसरे मित्रों का शुक्रिया, यह अहसास दिलाने के लिए कि मैंने क्या किया था। जिस तरह से हर उद्धरण को विन्स्टन चर्चिल के नाम समर्पित कर दिया जाता है, उसी तरह लगता है कि जब लोग शायरी को पसंद करते हैं तो वे उसका श्रेय गालिब को दे देते हैं। मैं माफी मांगता हूं।'
एक और ट्वीट में थरूर ने लिखा गालिब हमेशा हम सभी के पसंदीदा हैं। लेकिन, आज उनका जन्मदिन नहीं है। मुझे गलत जानकारी दी गई थी फिर भी इन लाइनों का मजा लीजिए।