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हमला: थरूर ने कहा- राजनीतिक दुरुपयोग के लिए इतिहास का इस्तेमाल न करें

Sun, 10 Oct 2021 05:01 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 10 Oct 2021 05:01 AM IST
सार

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि आज के राजनीतिक दुरुपयोग के लिए इतिहास को जोड़ा गया है जिससे मुझे समस्या है।

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shashi Tharoor says Dont use history for political misuse
शशि थरूर - फोटो : facebook.com/ShashiTharoor

विस्तार

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि वह भारत के इतिहास लेखन में भूली हुई आवाजों को फिर से हासिल करने के पक्षधर हैं, लेकिन आज के राजनीतिक दुरुपयोग के लिए इसका इस्तेमाल करने के नहीं।

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एक मीडिया चैनल पर बात करते हुए थरूर ने कहा, हम घावों को खरोंच रहे हैं, जिन्हें ठीक होने दिया जाना चाहिए था। अगर 500 साल पहले के मुसलमान बुरे थे तो क्या आज के मुसलमानों को इसके लिए भुगतना होगा। मुझे इससे समस्या है। उन्होंने अपनी किताब बुल्स इन अवर मेमोरी शॉप: डिबेटिंग हेरिटेज, हिस्ट्री, हब्रीस का भी जिक्र किया।
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शशि थरूर ने कहा कि, मैं कहूंगा कि आप आज के भारत के लिए क्या कर रहे हैं? हम इन पुरानी लड़ाइयों को लड़ने के बजाय सभी के लिए एक बेहतर भारत बनाने पर ध्यान केंद्रित क्यों नहीं कर सकते? आज के राजनीतिक दुरुपयोग के लिए इतिहास को जोड़ा गया है जिससे मुझे समस्या है।
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मोदी सरकार के देश के विभाजन के दिन को स्मृति दिवस मनाने को लेकर भी सवाल उठाए। इस पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष 14 अगस्त को देश के विभाजन के कारण हुई नफरत और हिंसा के कारण विस्थापित हुए और अपनी जान गंवाने वाले लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में विभाजन भयावह स्मृति दिवस के रूप में घोषित किया।

आगे कहा कि, हालांकि विभाजन के दौरान जो हुआ उसे याद करने के पक्ष में, ऐसे लोग भी हैं जो भूल गए हैं और आप उसकी यादों को पुनर्जीवित करना चाहते हैं और क्षमा करने के बजाय, उन लोगों के कथित वंशज को दंडित करना चाहते हैं जिन्होंने उन गलतियों को अंजाम दिया।

उन्होंने अपनी एक किताब एन एरा ऑफ डार्कनेस: द ब्रिटिश एम्पायर इन इंडिया का भी जिक्र किया, इसके बारे में थरूर ने कहा कि मैंने उपनिवेशवाद के अत्याचारों को याद करने की बात की है, इसलिए नहीं कि आज मैं चाहता हूं कि हम जाकर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करें। वह खत्म हो गया है। वह इतिहास है लेकिन हमें समझना चाहिए, जैसा कि मैंने अपनी पुस्तक में लिखा है, हमें ये सब निश्चित रूप से क्षमा करना चाहिए, लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए।


शशि थरूर ने कहा कि अब समस्या यह है कि, यहां हमारे पास ऐसे लोग हैं जो न केवल भूलने के लिए तैयार हैं बल्कि यादों को पुनर्जीवित करना चाहते हैं या जो लोग भूल गए हैं उसकी कल्पना करते हैं और फिर, क्षमा करने के बजाय, अपराध करने वालों के कथित वंशजों को दंडित करना चाहते हैं। वे गलत हैं। आप आने वाले कल के लिए नई गलतियां बनाकर कल की गलतियों को सुधार नहीं सकते।

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