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Shashi Tharoor Vs Congress: फिर कांग्रेस से अलग शशि थरूर का रुख, PM-CM को हटाने वाले बिल पर पार्टी में मतभेद
Wed, 20 Aug 2025 02:30 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:30 PM IST
सार
कांग्रेस और शशि थरूर के बीच मतभेद फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। पीएम और सीएम के हटाने वाले बिल पर शशि थरूर ने फिर से अपनी अलग सोच दिखाई है। जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र विरोधी बता रही है, वहीं उनका मानना है कि भ्रष्टाचार या अपराध से जुड़े मंत्री के लिए 30 दिन जेल में रहने के बाद पद पर बने रहना तर्कसंगत नहीं है।
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शशि थरूर, सांसद कांग्रेस
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर पार्टी लाइन से अलग राय जताई है। इस बार मामला है उस संविधान संशोधन विधेयक (130वां संशोधन) 2025 का, जिसमें यह प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री लगातार 30 दिन जेल में रहता है, तो उसे 31वें दिन अपने पद से इस्तीफा देना होगा या फिर उसे हटा दिया जाएगा।
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संसद में बिल का कड़ा विरोध
बता दें कि जैसे ही यह बिल गृहमंत्री अमित शाह संसद में पेश किया, वैसे विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे 'तानाशाही' और 'असंवैधानिक' करार दिया। उनका कहना है, 'कल को किसी भी मुख्यमंत्री पर केस दर्ज कर उन्हें 30 दिन जेल में रख दिया गया, बिना सजा हुए ही उनकी कुर्सी छिन जाएगी। यह संविधान के खिलाफ है और लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।'
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थरूर का अलग नजरिया
वहीं, कांग्रेस से जुड़े रहते हुए भी कई मुद्दों पर अलग राय रखने वाले शशि थरूर ने इस बार विपक्ष की लाइन से इतर बयान दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आप 30 दिन जेल में रहते हैं, तो क्या मंत्री बने रह सकते हैं? यह तो सामान्य समझ का मामला है। इसमें मुझे कोई गलती नहीं दिखती।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिल को संसदीय चयन समिति के पास भेजा जाता है तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा होगा। 'वहां खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि हर पहलू पर विचार हो सके।'
थरूर और कांग्रेस के रिश्ते में तल्खी
शशि थरूर का कांग्रेस से रिश्ता पिछले कई वर्षों से अस्थिर रहा है। 2021 में उन्होंने जी-23 समूह का हिस्सा बनकर गांधी परिवार की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए थे। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'गतिशीलता' की तारीफ कर दी थी, जिस पर कांग्रेस नेतृत्व नाराज हो गया। कुछ दिन पहले थरूर ने उस समय भी चर्चा बटोरी, जब कांग्रेस ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पर संसद में हुई विशेष चर्चा का बहिष्कार किया। लेकिन शशि थरूर ने इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी के इस फैसले पर सवाल उठाया।
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हालांकि, उन्होंने बार-बार यह कहा है कि वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी नहीं जा रहे। शशि थरूर ने साफ किया 'मेरे पीएम मोदी की तारीफ करने का मतलब यह नहीं कि मैं उनकी पार्टी में शामिल हो रहा हूं। यह महज मेरी राय है, जो किसी मुद्दे पर पार्टी से अलग हो सकती है।'
ऑनलाइन मनी गेमिंग को लेकर केंद्र की आलोचना
वहीं कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार के ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने के कदम की आलोचना की। शशि थरूर का कहना है कि प्रतिबंध से यह उद्योग भूमिगत चला जाएगा और माफियाओं को फायदा होगा। इसके बजाय सरकार को इसे वैध कर, नियमों के तहत लाकर उस पर टैक्स लगाना चाहिए, जिससे राजस्व बढ़े और सामाजिक कार्यों में उपयोग हो। थरूर ने याद दिलाया कि वे 2018 से ही इस रुख की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों ने यही रास्ता अपनाया और फायदा पाया। साथ ही सुझाव दिया कि बिल को जल्दबाजी में पास करने के बजाय संसद समिति को भेजा जाना चाहिए था।