EY Employee Death: काम के बोझ की वजह से सीए की मौत से नाराज शशि थरूर, बोले- पांच दिन और आठ घंटे तय होने चाहिए
काम के दबाव के चलते मौत होने से नाराज थरूर ने कहा कि एना सेबेस्टियन पेरायिल के पिता सिबी जोसेफ के साथ उनकी वार्ता हुई है। किसी को भी सप्ताह में पांच दिन और आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए।
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महाराष्ट्र के पुणे में एक जानी मानी कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की 26 साल की कर्मचारी की मौत का मामला सियासी रंग ले चुका है। काम के बोझ तले युवती की जान जाने के मामले को लेकर कई नेताओं की प्रतिक्रिया आ चुकी है। अब इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 26 वर्षीय कर्मचारी की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि सप्ताह में काम के घंटों को कम करने और पांच दिन काम का सुझाव दिया। वहीं, मृतका एना सेबेस्टियन पेरायिल के पिता ने कहा कि हमने उसके काम का बोझ देखते हुए उसे नौकरी छोड़ने की सलाह दी थी।
सप्ताह में पांच दिन काम और आठ घंटे का समय तय करने का दिया सुझाव
काम के दबाव के चलते मौत होने से नाराज थरूर ने कहा कि एना सेबेस्टियन पेरायिल के पिता सिबी जोसेफ के साथ उनकी वार्ता हुई है। किसी को भी सप्ताह में पांच दिन और आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह काम के घंटे तय करने का मुद्दा आगामी सत्र में संसद में भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि चाहे वह निजी क्षेत्र में हो या सार्वजनिक कहीं भी आठ घंटे और पांच दिन से अधिक काम नहीं कराना चाहिए।
पिता बोले- दी थी नौकरी छोड़ने की सलाह
वहीं, अब उसके पिता सिबी ने कहा कि उसे रात में 12.30 बजे तक काम करना पड़ता था। हमने उसे नौकरी छोड़ने की सलाह दी, लेकिन उसने मना कर दिया। वह कहती थी कि इससे उसे पेशेवर बेहतर अनुभव मिलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अत्यधिक काम के दबाव का मुद्दा ईवाई के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। सिबी जोसेफ ने कहा कि उसने सहायक प्रबंधक से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने रात में भी काम करने पर जोर दिया। जोसेफ ने कहा कि हम कानूनी रूप से आगे बढ़ने की योजना नहीं बना रहे हैं, लेकिन हम नहीं चाहते कि ऐसी कॉर्पोरेट कंपनियों में शामिल होने वाले नए लोगों को इसी तरह की स्थितियों का सामना करना पड़े।
अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी ने जारी किया बयान
बीच अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी से कोई भी व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ, क्योंकि यह उनकी संस्कृति से बिल्कुल अलग है और जब तक सामंजस्यपूर्ण कार्यस्थल को बढ़ावा देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। मेमानी ने यह भी कहा कि एक पिता के रूप में वह महिला की मां की पीड़ा को समझ सकते हैं, जिन्होंने उन्हें एक हृदय विदारक पत्र लिखा था।
डेलॉयट ने उठाया बड़ा कदम
डेलॉयट ने कर्मचारियों से संबंधित प्रथाओं, नीतियों और प्रक्रियाओं पर गौर करने के लिए तीन सदस्यीय बाहरी समिति का गठन किया है। समिति में पूर्व राजस्व सचिव तरुण बजाज भी शामिल हैं। डेलॉयट के दक्षिण एशिया सीईओ रोमल शेट्टी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
शेट्टी ने कहा कि संगठन के भीतर काम के दबाव को प्रबंधित करने और खुली कार्य संस्कृति के लिए, डेलोइट के पास एक मुख्य प्रसन्नता अधिकारी है और संगठन के भीतर किसी भी बुरे व्यवहार के लिए सख्त कार्रवाई की जाती है। डेलोइट चार प्रमुख वैश्विक कर परामर्श फर्मों में से एक है। डेलोइट और EY के अलावा, अन्य प्रमुख फर्म PwC और KPMG हैं। शेट्टी ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, "... यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है कि छोटी बच्ची की जान चली गई। हम ग्राहक सेवा के व्यवसाय में हैं और ग्राहक सेवा के व्यवसाय में हमेशा समय सीमाएं होती हैं... और इन सबका दबाव रहता है।"
क्या है मामला?
बता दें, महाराष्ट्र के पुणे की ईवाई कंपनी में 26 साल की एना सेबेस्टियन पिरेयिल ने मार्च 2024 में कंपनी में काम शुरू किया था। वे केरल की रहने वाली थीं। एना की मौत 20 जुलाई को हुई थी। एना की मां अनिता ऑगस्टिन ने ईवाई के भारत प्रमुख राजीव मेमानी को पत्र लिखकर कंपनी की कार्य संस्कृति पर गंभीर आरोप लगाए थे।
केंद्र का क्या रुख?
उसके बाद केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लिया था। मंत्रालय का कहना था कि उसने शिकायत स्वीकार कर ली है। एना की मौत की परिस्थितियों की जांच की जाएगी।श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था, 'एना की मौत से दुखी हैं। असुरक्षित और तनावपूर्ण वातावरण के आरोपों की गहन जांच चल रही है। हम न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्रम मंत्रालय और मनसुख मंडाविया ने आधिकारिक तौर पर शिकायत को अपने हाथ में ले लिया है।'
कंपनी ने क्या कहा?
अर्न्स्ट एंड यंग ने 26 साल की कर्मचारी की दुखद मौत के बाद उसकी मां के पत्र के वायरल होने के बाद बयान जारी किया था। अकाउंटिंग फर्म ने कहा था कि वे काम के माहौल को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। चार बड़ी कंसल्टेंसी फर्मों में से एक ईवाई ने कहा था, 'हम इस साल जुलाई में 26 साल की एना सेबेस्टियन पिरेयिल के दुखद और असामयिक निधन से बहुत दुखी हैं। हमारी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। हम परिवार को सभी प्रकार की सहायता दे रहे हैं तथा अपने कर्मचारियों को काम करने के लिए एक बेहतर माहौल देने के तरीके खोजेंगे।'
कंपनी ने आगे कहा था, 'हालांकि कोई भी मदद परिवार को हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। फिर भी हमने हरसंभव सहायता दी है, जैसा कि हम संकट के समय में करते हैं तथा आगे भी करते रहेंगे। हम परिवार के पत्र को बहुत गंभीरता और विनम्रता से ले रहे हैं। हम सभी कर्मचारियों के कल्याण को सबसे अधिक महत्व देते हैं। भारत में ईवाई फर्म में हमारे एक लाख लोगों के लिए बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने और उन्हें बेहतर बनाने के तरीके ढूंढते रहेंगे।'
मां ने लिखा था भावुक करने वाला पत्र
मां अनिता ने पत्र में लिखा था, 'एना ने नवंबर 2023 में सीए की परीक्षा पास की थी। मार्च 2024 में ईवाई में काम शुरू किया। वह एनर्जी से भरपूर थी। इतनी प्रतिष्ठित कंपनी में काम मिलने पर खुश थी, लेकिन सिर्फ चार महीने बाद मेरी दुनिया उजड़ गई, जब एना की मौत की खबर मिली। सबसे दुखद यह है कि उसके अंतिम संस्कार में कंपनी से कोई नहीं पहुंचा।
बिना थके लगी रही उम्मीदों को पूरा करने में
उन्होंने पत्र में आगे लिखा था कि बेटी की पहली नौकरी होने के कारण एना बगैर थके कंपनी की उम्मीदों को पूरा करने में लगी रही। लगातार काम करने से उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा असर हुआ। नौकरी लगने के कुछ समय बाद ही एना को एंग्जायटी, नींद न आना, तनाव जैसी परेशानियां होने लगी थीं। रविवार को भी कर्मचारियों को काम में झोंके रखना कोई सही नहीं ठहरा सकता।
अंतिम संस्कार में कोई शामिल नहीं हुआ
उन्होंने कहा था कि वह देर रात तक काम करती थी, यहां तक कि वीकेंड्स पर भी उसे काम करना पड़ता था। उसे चैन की सांस लेने का समय तक नहीं दिया जाता था। उसके सहायक प्रबंधक ने एक बार उसे रात में एक काम के साथ बुलाया जिसे अगली सुबह तक पूरा करने को कहा। वह पूरी रात काम करती रही। अगले दिन सुबह बिना आराम किए ऑफिस पहुंची। चौंकाने वाली बात यह है कि ईवाई से कोई भी एना के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। किसी के पास एक मिनट का समय भी नहीं था कि वह मेरी बेटी के अंतिम संस्कार मे आ जाता?
दिन-रात काम करने के लिए मजबूर किया
अपने पत्र के अंत में अनीता ने कंपनी से जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने लिखा, 'नए लोगों पर इस तरह के कमर तोड़ने वाले काम का बोझ डालना, उन्हें दिन-रात काम करने के लिए मजबूर करना, यहां तक कि रविवार को भी, इसका कोई औचित्य नहीं है...। एना की मौत से ईवाई को जगने की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि यह पत्र आप तक गंभीरता के साथ पहुंचेगा। मुझे उम्मीद है कि मेरे बच्चे का अनुभव वास्तविक परिवर्तन की ओर ले जाएगा ताकि किसी अन्य परिवार को उस दुःख और आघात को सहन न करना पड़े जिससे हम गुजर रहे हैं।'