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Sharad Yadav: शरद यादव की 78वीं जयंती मनाई, लोगों ने उन्हें मंडल मसीहा बताया
Wed, 02 Jul 2025 06:24 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 02 Jul 2025 06:24 PM IST
सार
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की जन्मजयंती मंगलवार को पूरे देश भर में मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ विचारकों ने स्वर्गीय शरद यादव को मंडल मसीहा बताया और कहा कि वंचित तबकों के अधिकारों की लड़ाई में वे सबसे आगे थे।
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शरद यादव को श्रद्धांजलि देते हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की राजनीति में समाजवादी विचारधारा के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में शामिल शरद यादव की जन्मजयंती मंगलवार को पूरे देश भर में मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ विचारकों ने स्वर्गीय शरद यादव को मंडल मसीहा बताया और कहा कि वंचित तबकों के अधिकारों की लड़ाई में वे सबसे आगे थे। आज देश में गरीबों-पिछड़ों को जो सम्मान और अधिकार मिल सका है, उसमें शरद यादव का बड़ा हाथ रहा है।
"शरद यादव विचार मंच" के बैनर तले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी कर्म भूमि मधेपुरा से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने शरद यादव को अपनी श्रद्धांजलि दी। शरद यादव हमेशा कहते थे कि देश गोली से नहीं, बल्कि लोक-लाज से चलता है। वे दबे कुचले लोगों की पीड़ा को भली भांति जानते समझते थे और जहां भी रहते थे, वे हमेशा उनके लिए आवाज उठाते थे। शरद यादव की सुपुत्री सुभाषिनी यादव ने इस अवसर पर अपने पिता के कार्यों को याद किया।
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"शरद यादव विचार मंच" के बैनर तले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी कर्म भूमि मधेपुरा से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने शरद यादव को अपनी श्रद्धांजलि दी। शरद यादव हमेशा कहते थे कि देश गोली से नहीं, बल्कि लोक-लाज से चलता है। वे दबे कुचले लोगों की पीड़ा को भली भांति जानते समझते थे और जहां भी रहते थे, वे हमेशा उनके लिए आवाज उठाते थे। शरद यादव की सुपुत्री सुभाषिनी यादव ने इस अवसर पर अपने पिता के कार्यों को याद किया।
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