फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sharad Pawar and Maharashtra CM Uddhav Thackeray closeness could be trouble for BJP

उद्धव और शरद पवार की जोड़ी बढ़ा रही भाजपा के पेट में दर्द, कांग्रेस के कुछ नेता भी हैरान!

Tue, 07 Jan 2020 02:44 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 07 Jan 2020 02:44 PM IST
सार

  • कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ले रही हैं सूझ-बूझ से काम
  • उद्धव ठाकरे का बयान दे रहा है बड़ी राहत
  • महाराष्ट्र में कांग्रेस भी शरद पवार की 'पॉवर' पॉलिटिक्स पर निर्भर

विज्ञापन
Sharad Pawar and Maharashtra CM Uddhav Thackeray closeness could be trouble for BJP
उद्धव ठाकरे-शरद पवार - फोटो : ANI

विस्तार

राजनीतिक दलों के बीच शिवसेना एक मिजाज के लिए जानी जाती है, लेकिन यह अब बहुत संभलकर बयान दे रही है। उसके ये बयान भाजपा को परेशान कर रहे हैं, तो कांग्रेसी नेताओं को राहत दे रहे हैं। सोमवार को शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जेएनयू में हिंसा की तुलना 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले से की।
विज्ञापन


इस पर कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि यह भाजपा की छात्र ईकाई की तरफ से विश्वविद्यालयों पर हुआ आतंकी हमला ही है। लेकिन जब शरद पवार और उद्धव ठाकरे के बीच में तालमेल की बात आती है, तो कांग्रेस के नेता मुस्कराकर रह जाते हैं। वहीं भाजपा के महाराष्ट्र के एक बड़े नेता ने इसे केर-बेर का साथ बताया है।

विज्ञापन

पवार का रिमोट कंट्रोल हैं उद्धव ठाकरे

भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज हैं। उनका मानना है कि महाराष्ट्र में हार फडणवीस के रवैये के कारण हुई है। फिर भी वह उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि ठाकरे पवार का रिमोट कंट्रोल बन गए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव भले ही हैं, लेकिन सरकार शरद पवार चला रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कोई तंज कसने का अवसर नहीं छोड़ते। भाजपा के नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे को सोचना चाहिए। उनकी पार्टी सरकार में सबसे बड़ा दल है।

विज्ञापन
विज्ञापन


उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई, लेकिन उनकी पार्टी को और क्या मिला। काफी कुछ एनसीपी के पास है। जो एनसीपी से बचा वह मलाईदार विभाग कांग्रेस के मंत्रियों के पास है। विभागों के बंटवारे के सवाल पर कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसे देखना कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं का काम है। सूत्र का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार में पवार और एनसीपी की ही काफी चल रही है।

कांग्रेस के पेट में भी दर्द

कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि राज्य में विभागों के बंटवारे में पार्टी को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिला। सोमवार को उद्धव ठाकरे, फिर संजय राउत ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर शरद पवार के नाम पर विचार किए जाने की वकालत की। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि उन्हें महाराष्ट्र में शरद पवार के सामने खड़े होने में सक्षम नेता की जरूरत है। वह बाला साहब थोराट को इसमें उपयुक्त नहीं मानते।

पार्टी नेताओं का मानना है कि शरद पवार महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार के संकट मोचक के तौर पर स्थापित होते जा रहे हैं। वहीं दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि सब कुछ ठीक चल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी महाराष्ट्र को लेकर संवेदनशील हैं। वह राज्य में राजनीतिक हालत पर बारीकी से नजर रख रही हैं।



सूत्र का कहना है कि राज्य में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार भाजपा को नहीं पच पा रही है। इसलिए भाजपा का दुष्प्रचार विंग इसे बदनाम करने के लिए सक्रिय हो गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed