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Amit Shah: 'सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं' उच्चस्तरीय बैठक में बोले गृह मंत्री अमित शाह
Sat, 13 Jul 2024 06:36 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 13 Jul 2024 06:36 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक में वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम के कार्य प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश के सीमांत गांवों के चहुंमुखी विकास के प्रति कटिबद्ध है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम की समीक्षा
- फोटो : X/ @AmitShah
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सीमावर्ती गांवों के निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और ऐसे दूरदराज के क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों से पलायन रोकने के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाए और गावों के साथ संपर्क भी बढाएं जाएं।
'सेना के स्वास्थ्य केन्द्रों का लाभ ग्रामीणों को मिले'
अमित शाह ने बैठक में आगे कहा कि सीमांत गांवों के आस-पास तैनात CAPFs और सेना को सहकारिता के माध्यम से स्थानीय कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना चाहिए। सेना और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के स्वास्थ्य केन्द्रों और उनकी सुविधाओं का लाभ नजदीकी गांवों के निवासियों को नियमित रूप से मिले। वहीं वाइब्रेंट विलेजर्स में सौर ऊर्जा और पवनचक्की जैसे नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों के अधिकतम उपयोग पर जोर देने की आवश्यकता है।
'वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारी जारी रखें अपना प्रयास'
केन्द्रीय गृह मंत्री ने वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम के तहत सीमांत गावों के मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की तरफ से किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने का निर्देश दिया। बता दें कि इन सीमांत गांवों में अब तक छह हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें लगभग चार हजार सेवा वितरण और जागरूकता शिविरों का आयोजन शामिल है। इन गांवों में रोजगार सृजन के लिए छह सौ से अधिक परियोजनाओं को भारत सरकार की तरफ से स्वीकृति दी जा चुकी है। गृह मंत्री ने इस बैठक के दौरान लंबित मुद्दों के निपटारे के लिए नियमित अंतराल पर उच्चतम स्तर पर समीक्षा पर विशेष जोर दिया।
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वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम में सीमांत गांवों को मिल रहा लाभ
जानकारी के मुताबिक वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम योजना के तहत 2420 करोड़ रुपये की लागत से 136 सीमांत गांवों को 113 ऑल-वेदर रोड परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क प्रदान किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में 4जी कनेक्टिविटी पर तेजी से काम किया जा रहा है और दिसंबर 2024 तक वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम के तहत आने वाले सभी गांवों को 4जी नेटवर्क से कवर कर लिया जाएगा। इन सभी गांवों में वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं और भारत पोस्ट-पेमेंट बैंकों (आईपीपीबी) की सुविधा भी दी जा रही है ।
केंद्रीय गृह सचिव से साथ तमाम अधिकारी रहे मौजूद
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस समेत गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। वाइब्रेंट विलेजर्स में जीवंतता लाने और यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन सर्किट को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत पर्यटन मंत्रालय के साथ समन्वय में क्षमता निर्माण और पर्यटन से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
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'सेना के स्वास्थ्य केन्द्रों का लाभ ग्रामीणों को मिले'
अमित शाह ने बैठक में आगे कहा कि सीमांत गांवों के आस-पास तैनात CAPFs और सेना को सहकारिता के माध्यम से स्थानीय कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना चाहिए। सेना और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के स्वास्थ्य केन्द्रों और उनकी सुविधाओं का लाभ नजदीकी गांवों के निवासियों को नियमित रूप से मिले। वहीं वाइब्रेंट विलेजर्स में सौर ऊर्जा और पवनचक्की जैसे नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों के अधिकतम उपयोग पर जोर देने की आवश्यकता है।
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'वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारी जारी रखें अपना प्रयास'
केन्द्रीय गृह मंत्री ने वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम के तहत सीमांत गावों के मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की तरफ से किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने का निर्देश दिया। बता दें कि इन सीमांत गांवों में अब तक छह हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें लगभग चार हजार सेवा वितरण और जागरूकता शिविरों का आयोजन शामिल है। इन गांवों में रोजगार सृजन के लिए छह सौ से अधिक परियोजनाओं को भारत सरकार की तरफ से स्वीकृति दी जा चुकी है। गृह मंत्री ने इस बैठक के दौरान लंबित मुद्दों के निपटारे के लिए नियमित अंतराल पर उच्चतम स्तर पर समीक्षा पर विशेष जोर दिया।
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वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम में सीमांत गांवों को मिल रहा लाभ
जानकारी के मुताबिक वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम योजना के तहत 2420 करोड़ रुपये की लागत से 136 सीमांत गांवों को 113 ऑल-वेदर रोड परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क प्रदान किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में 4जी कनेक्टिविटी पर तेजी से काम किया जा रहा है और दिसंबर 2024 तक वाइब्रेंट विलेजर्स प्रोग्राम के तहत आने वाले सभी गांवों को 4जी नेटवर्क से कवर कर लिया जाएगा। इन सभी गांवों में वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं और भारत पोस्ट-पेमेंट बैंकों (आईपीपीबी) की सुविधा भी दी जा रही है ।
केंद्रीय गृह सचिव से साथ तमाम अधिकारी रहे मौजूद
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस समेत गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। वाइब्रेंट विलेजर्स में जीवंतता लाने और यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन सर्किट को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत पर्यटन मंत्रालय के साथ समन्वय में क्षमता निर्माण और पर्यटन से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।