{"_id":"60e8745d8ebc3ebb48456dff","slug":"sexual-harassment-case-two-doctors-transferred-from-kolkata-hospital-after-complaint","type":"story","status":"publish","title_hn":"यौन उत्पीड़न मामला: शिकायत के बाद कोलकाता के अस्पताल से दो डॉक्टरों का तबादला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
यौन उत्पीड़न मामला: शिकायत के बाद कोलकाता के अस्पताल से दो डॉक्टरों का तबादला
Fri, 09 Jul 2021 09:37 PM IST
योगेश साहू
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 09 Jul 2021 09:37 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल सरकार ने एक पोस्ट-डॉक्टरेट छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद आंतरिक समिति द्वारा दोषी पाए जाने पर कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के दो डॉक्टरों का तबादला कर दिया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने एक पोस्ट-डॉक्टरेट छात्रा की ओर से की गई यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद दोषी पाए जाने पर कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के दो डॉक्टरों का तबादला कर दिया है। मामले में आरोपी को आंतरिक समिति की ओर से दोषी ठहराने के बाद एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आईपीजीएमई एंड आर) परिसर में घटना को लेकर भारी हंगामे के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने तबादले का आदेश जारी किया है। यह मामला पहली बार फरवरी 2020 में सामने आया था लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी का कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल तबादला कर दिया गया। सुखलाल करनानी मेमोरियल (एसएसकेएम) अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष के प्रमुख को नील रतन सरकार (एनआरएस) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है।
विज्ञापन
महिला ने पिछले साल फरवरी में भवानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि यह घटना उस वक्त हुई जब वह सहायक प्रोफेसर और सघन चिकित्सा कक्ष के प्रमुख के साथ चिकित्सा सम्मेलन में हिस्सा लेने हैदराबाद गई थी।
पुलिस ने बताया कि मामला अस्पताल प्रशासन को भेजा गया था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस साल मार्च में, विशाखा दिशानिर्देशों के अनुसार एक आंतरिक समिति का गठन किया गया था और इसने दो डॉक्टरों को दोषी पाया। उन्होंने कहा कि पीड़िता को लिखित रूप में समिति के निष्कर्ष की जानकारी दी गई लेकिन दोनों डॉक्टरों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। कार्रवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को परिसर में प्रदर्शन के बाद दोनों डॉक्टरों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया।