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Hajj: सऊदी अरब में भीषण गर्मी से हज के दौरान 98 भारतीयों की मौत, हजार से ज्यादा लोगों की जान जाने की पुष्टि
Fri, 21 Jun 2024 06:22 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 21 Jun 2024 06:22 PM IST
सार
हज के दौरान जायरिनों को घंटों तक चलना पड़ता है और प्रार्थना करना पड़ता है। इस दौरान सऊदी में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल कम से कम पांच लाख लोगों की मौत होती है।
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हज यात्रा
- फोटो : ANI
विस्तार
सऊदी अरब में हज के दौरान भीषण गर्मी और प्राकृतिक कारणों से मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई, जिसमें 98 भारतीय भी शामिल हैं। इस साल अब तक 1,75,000 भारतीय हज के लिए सऊदी अरब गए हैं। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। अबतक 10 देशों से 1,081 जायरीनों (हज पर जाने वाले लोगों को जायरीन कहते हैं) की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा मिस्र के 658 जायरीन शामिल हैं। केंद्रीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
हज करने गए भारतीयों की मौत मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा, "इस साल हमारे पास 1,75,000 भारतीय हैं, जो पहले ही हज पर जा चुके हैं। हम अपने 98 नागरिकों को खो चुके हैं। उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है, जिसमें पुरानी बीमारी और बुढ़ापा भी शामिल है। अराफत के दिन छह भारतीयों की मौत हो गई और दुर्घटना के कारण चार भारतीयों की जान चली गई। पिछले साल हज के दौरान मरने वाले भारतीयों की संख्या 187 थी।"
सऊदी अरब का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस
हज के दौरान जायरिनों को घंटों तक चलना पड़ता है और प्रार्थना करना पड़ता है। इस दौरान सऊदी में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल कम से कम पांच लाख लोगों की मौत होती है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा 30 गुना बढ़ भी सकता है।
हज के दौरान होने वाली मौतों को लेकर सऊदी अरब के राजनयिक पहले ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा हर साल होता है। हम यह नहीं कह सकते कि इस साल ऐसा ज्यादा हुआ। यह कुछ पिछले साल जैसा है, लेकिन हमें मालूम है कि यह आने वाले दिनों में और होगा।"
बता दें कि पिछले कई वर्षों से हज सऊदी अरब की भीषण गर्मियों के दौरान होता आया है। पिछले महीने प्रकाशित सऊदी के एक अध्ययन के अनुसार, जिस क्षेत्र में इबादत की जाती है, वहां का तापमान हर दशक 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा है।
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हज करने गए भारतीयों की मौत मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा, "इस साल हमारे पास 1,75,000 भारतीय हैं, जो पहले ही हज पर जा चुके हैं। हम अपने 98 नागरिकों को खो चुके हैं। उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है, जिसमें पुरानी बीमारी और बुढ़ापा भी शामिल है। अराफत के दिन छह भारतीयों की मौत हो गई और दुर्घटना के कारण चार भारतीयों की जान चली गई। पिछले साल हज के दौरान मरने वाले भारतीयों की संख्या 187 थी।"
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#WATCH | Delhi: On the death of Hajj pilgrims from India, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "This year we have 175,000 Indians who have already visited Hajj... So far we have lost 98 of our citizens. These deaths have happened on account of natural illness, natural causes,… pic.twitter.com/bkk1Oy67lG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 21, 2024
सऊदी अरब का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस
हज के दौरान जायरिनों को घंटों तक चलना पड़ता है और प्रार्थना करना पड़ता है। इस दौरान सऊदी में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल कम से कम पांच लाख लोगों की मौत होती है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा 30 गुना बढ़ भी सकता है।
हज के दौरान होने वाली मौतों को लेकर सऊदी अरब के राजनयिक पहले ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा हर साल होता है। हम यह नहीं कह सकते कि इस साल ऐसा ज्यादा हुआ। यह कुछ पिछले साल जैसा है, लेकिन हमें मालूम है कि यह आने वाले दिनों में और होगा।"
बता दें कि पिछले कई वर्षों से हज सऊदी अरब की भीषण गर्मियों के दौरान होता आया है। पिछले महीने प्रकाशित सऊदी के एक अध्ययन के अनुसार, जिस क्षेत्र में इबादत की जाती है, वहां का तापमान हर दशक 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा है।