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Hindi News ›   India News ›   Several advanced fishing nations are indiscriminately exploiting the fisheries resources in others' EEZ: Piyush Goyal 

WTO: पीयूष गोयल की खरी-खरी, मछली पकड़ने वाले कई देश मत्स्य पालन संसाधनों का कर रहे अंधाधुंध दोहन  

Tue, 14 Jun 2022 07:34 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Tue, 14 Jun 2022 07:34 PM IST
सार

गोयल ने कहा, भारत ने अतीत में तर्क दिया है कि ऐसे राष्ट्र वैश्विक मत्स्य संपदा को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार होंगे और उन्हें एक सख्त अनुशासन व्यवस्था के तहत लाना चाहिए।

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Several advanced fishing nations are indiscriminately exploiting the fisheries resources in others' EEZ: Piyush Goyal 
पीयूष गाोयल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व व्यापार संगठन का 12वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में मत्स्य पालन सब्सिडी वार्ता पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत का स्पष्ट नजरिया सामने रखा। गोयल ने कहा कि मछली पकड़ने वाले कई उन्नत राष्ट्र आरएफएमओ के सदस्य होने के कारण दूसरों के ईईजेड और समुद्रों में मत्स्य पालन संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं। 

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उन्होंने कहा, भारत ने अतीत में तर्क दिया है कि ऐसे राष्ट्र वैश्विक मत्स्य संपदा को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार होंगे और उन्हें एक सख्त अनुशासन व्यवस्था के तहत लाना चाहिए। मौजूदा नीति इस तरह के अति-शोषण को नहीं रोकती है। 
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डीडब्ल्यूएफए (DWFN) अपने ईईजेड (EEZ) से परे मछली पकड़ने या इससे संबंधित गतिविधियों के लिए 25 साल के लिए किसी भी प्रकार की सब्सिडी देने पर रोक के अधीन होना चाहिए। यह जरूरी है कि वे इन क्षमताओं को विकासशील देशों और एलडीसी को विकसित करने का मौका देने के लिए स्थानांतरित करें। 
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