फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Serving food in Parliament of Northern Railway will end on 15 november

उत्तर रेलवे की संसद में भोजन परोसने की 52 साल पुरानी विरासत का अंत

Fri, 23 Oct 2020 01:46 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 23 Oct 2020 01:46 AM IST
विज्ञापन
Serving food in Parliament of Northern Railway will end on 15 november
भारतीय संसद - फोटो : ANI

उत्तर रेलवे 15 नवंबर को संसद परिसर की कैंटीन की जिम्मेदारी आईटीडीसी के हवाले कर देगा। इसी के साथ संसद सदस्यों और देश के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठान के प्रांगण में आने वालों को भोजन परोसने की उसकी 52 साल पुरानी विरासत का भी अंत हो जाएगा। 

विज्ञापन


संसदीय कैंटीन में 1968 से खाना परोस रहे उत्तर रेलवे को लोकसभा सचिवालय की तरफ से एक पत्र लिखा गया है। इस पत्र में उत्तर रेलवे को 15 नवंबर तक अपना सामान समेटकर कैंटीन की जिम्मेदारी भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) के हवाले कर देने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन



आईटीडीसी केंद्र सरकार का ही पर्यटन विंग है, जो लग्जरी फाइव स्टार अशोका होटल समूह का संचालन करता है। पत्र में उत्तर रेलवे को पार्लियामेंट हाउस एस्टेट से हटने के साथ ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से दिए गए कंप्यूटर, प्रिंटर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सीपीडब्ल्यूडी की तरफ से दिए गए फर्नीचर व अन्य उपकरण भी आईटीडीसी के हवाले करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आईटीडीसी के अधिकारियों का कहना है कि स्पीकर ने विशेष तौर पर ऐसे खाने पर ध्यान देने का निर्देश दिया है, जो आम आदमी और विशिष्ट जनों में भेदभाव न करे। 

स्पीकर ने अकेले दम पर लिया निर्णय
संसद कैंटीन के लिए नया वेंडर तलाशने की प्रक्रिया इसी साल जुलाई में शुरू की गई थी। उस समय लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने इस मुद्दे पर पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और आईटीडीसी के अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी।


अमूमन संसदीय परिसर में केटरिंग पर निर्णय भोजन प्रबंधन पर गठित संयुक्त समिति करती है, लेकिन 17वीं लोकसभा में अभी तक भोजन समिति गठित नहीं की जा सकी है। ऐसे में स्पीकर ने स्वविवेक से कैंटीन में बेहतरीन गुणवत्ता का खाना परोसे जाने और उस पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने के बारे में निर्णय लिया है।

      यह भी जानें

  • 5000 से ज्यादा लोगों को खाना खिलाया जाता है हर संसदीय सत्र में
  • 48 व्यंजन हैं फिलहाल संसदीय कैंटीन के मेन्यू में शामिल
  • 17 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती थी इस खाने पर हर साल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed