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Supreme Court: 'सेंथिल बालाजी ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा', सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने दिया जवाब

Mon, 28 Apr 2025 03:40 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Mon, 28 Apr 2025 03:40 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी से 23 अप्रैल को कहा कि उन्हें पद और आजादी में से किसी एक को चुनना होगा। शीर्ष अदालत ने उन्हें चेतावनी दी कि यदि उन्होंने तमिलनाडु में मंत्री पद नहीं छोड़ा तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। इसके बाद सेंथिल बालाजी ने इस्तीफा दे दिया।

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'Senthil Balaji resigned from the post of minister', Tamil Nadu government replied in the Supreme Court
सेंथिल बालाजी - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सरकार ने जमानत शर्तों के उल्लंघन मामले में कोर्ट को यह जवाब दिया।
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जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने तमिलनाडु राजभवन की प्रेस विज्ञप्ति का अवलोकन किया। इसे राज्य सरकार ने अदालत में पेश किया था। पीठ ने कहा कि हमें एक प्रेस विज्ञप्ति सौंपी गई है, जिसमें दर्ज है कि उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। इसलिए अब इस आवेदन पर विचार करने का कोई अवसर नहीं है। वहीं कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक बालाजी को पद पर बने रहने से रोकने की ईडी की याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। 
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सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी से 23 अप्रैल को कहा कि उन्हें पद और आजादी में से किसी एक को चुनना होगा। शीर्ष अदालत ने उन्हें चेतावनी दी कि यदि उन्होंने तमिलनाडु में मंत्री पद नहीं छोड़ा तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। जस्टिस अभय एस ओका व जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस तथ्य पर आपत्ति जताई कि नौकरी के लिए नकदी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत के कुछ दिनों बाद ही बालाजी को तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री के रूप में बहाल कर दिया गया था। 
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बालाजी को 26 सितंबर, 2024 को शीर्ष अदालत ने जमानत दी थी। बालाजी को पिछले साल 29 सितंबर को तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने मंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी। उन्हें प्रमुख विभाग बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास, निषेध और उत्पाद शुल्क सौंपे गए थे, जो पहले स्टालिन कैबिनेट में उनके पास थे।


14 जून, 2023 को गिफ्तार किया गया
करूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बालाजी को 14 जून, 2023 को गिरफ्तार किया गया था। मामला तब का है, जब वह 2011 और 2015 के बीच पिछली AIADMK सरकार के दौरान परिवहन मंत्री थे। पिछले साल 13 फरवरी को तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्रिपरिषद से बालाजी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। 

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ईडी ने जुलाई 2021 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया
ईडी ने 2018 में तमिलनाडु पुलिस की ओर से तीन प्राथमिकी दर्ज किए जाने और कथित घोटाले में पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर आरोपों की जांच के लिए जुलाई 2021 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इसके आरोपपत्र में दावा किया गया कि मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान राज्य परिवहन विभाग में पूरी भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्ट कर दिया गया था।

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