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Maharashtra: टिकट न मिलने पर शिवसेना विधायक का फूटा गुस्सा, कहा- सीएम शिंदे का पक्ष लेकर की भारी गलती

Tue, 29 Oct 2024 10:49 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 29 Oct 2024 10:49 AM IST
सार

शिवसेना में विभाजन के बाद वनगा ने शिंदे का समर्थन किया था। वह पार्टी द्वारा सीट से फिर से नामांकित होने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, पार्टी ने गावित को उम्मीदवारी दे दी। 

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Sena's Palghar MLA after being denied ticket: Committed grave mistake of siding with CM Shinde
श्रीनिवास वनगा - फोटो : एक्स/@ShrinivasCVanga

विस्तार

महाराष्ट्र के पालघर से शिवसेना के मौजूदा विधायक श्रीनिवास वनगा पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ देकर और उनकी पार्टी में शामिल होकर भारी गलती की है। 

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यह है मामला
दरअसल, भाजपा के दिवंगत सांसद चिंतामन वनगा के बेटे श्रीनिवास पालघर (अनुसूचित जनजाति) सीट से अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में 2019 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद विधायक बने थे। शिवसेना में विभाजन के बाद वनगा ने शिंदे का समर्थन किया। वह पार्टी द्वारा सीट से फिर से नामांकित होने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, पार्टी ने रविवार को 20 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें पालघर सीट से राजेंद्र गावित को उम्मीदवारी दी। बता दें, गावित ने जून 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने पर शिंदे का पक्ष लिया था। 
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क्या बोले विधायक वनगा?
गावित को पालघर की सीट से उतारे जाने पर वनगा सीएम शिंदे से नाराज हैं। उन्होंने सोमवार को कहा, 'मैंने शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होकर एक गंभीर गलती की है।' इतना ही नहीं उन्होंने शिंदे के प्रतिद्वंद्वी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को 'देव मानुस' (ईश्वर के समान व्यक्ति) बताया। कहा कि उद्धव ठाकरे जैसे भगवान स्वरूप आदमी को छोड़ना उनके परिवार की सबसे बड़ी गलती थी।
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पत्नी का दावा- आत्महत्या करने की कह रहे
श्रीनिवास का आरोप है कि शिंदे ने उन्हें धोखा दिया है। बगावत के वक्त साथ देने वाले 40 में से 39 विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है लेकिन उन्हें ही टिकट नहीं दिया गया। श्रीनिवास के परिवारवालों का कहना है कि वह डिप्रेशन में चले गए हैं। रविवार से खाना नहीं खाया है और लगातार रो रहे हैं। वह आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। 

जब मुख्यमंत्री को वनगा के हालत के बारे में पता चला तो उन्होंने उनकी पत्नी से बातचीत की। साथ ही आश्वासन दिया कि उनके पति को महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में भूमिका देने पर विचार किया जाएगा।




कब होना है चुनाव?
बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को चुनाव होंगे और 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। महाराष्ट्र में एक ही चरण में चुनाव होगा। महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं, जिसमें बहुमत के लिए 145 सीट चाहिए होती हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54, कांग्रेस को 44 और अन्य को 29 सीटें मिली थीं।

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