फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Seeing Chandrayaan-3 craft development, US wanted India to share space technology with them: ISRO Chief

S Somnath: इसरो प्रमुख बोले- US ने भेजे थे अपने जटिल रॉकेट मिशन के विशेषज्ञ, सपने देखना सबसे शक्तिशाली उपकरण

Sun, 15 Oct 2023 04:16 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामेश्वरम (तमिलनाडु)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामेश्वरम (तमिलनाडु) Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 15 Oct 2023 04:16 PM IST
सार

इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि अमेरिका में जटिल रॉकेट मिशन विकसित करने में शामिल विशेषज्ञों ने चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान की विकासात्मक गतिविधियों को देखने के बाद सुझाव दिया था कि भारत उनके साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी साझा करे। 

विज्ञापन
Seeing Chandrayaan-3 craft development, US wanted India to share space technology with them: ISRO Chief
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ - फोटो : विकीपीडिया

विस्तार

अमेरिका में जटिल रॉकेट मिशन विकसित करने में शामिल विशेषज्ञों ने चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान की विकासात्मक गतिविधियों को देखने के बाद सुझाव दिया था कि भारत उनके साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी साझा करे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने रविवार को यह बात कही। 

विज्ञापन

यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि समय बदल गया है और भारत सर्वश्रेष्ठ उपकरण और रॉकेट बनाने में सक्षम है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है। सोमनाथ आज दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति की 92वीं जयंती के मौके पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। इसरो प्रमुख ने कहा, हमारा देश एक बहुत शक्तिशाली राष्ट्र है। आप इसे जानते हैं? हमारा ज्ञान और खुफिया स्तर दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया, चंद्रयान-3 में जब हमने अंतरिक्ष यान को डिजाइन और विकसित किया, तो हमने जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी, नासा-जेपीएल के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया, जो रॉकेट और सबसे कठिन मिशन करते हैं। उन्होंने कहा, 'नासा-जेपीएल के लगभग 5-6 लोग (इसरो मुख्यालय में) आए और हमने उन्हें चंद्रयान -3 के बारे में समझाया। यह सॉफ्ट लैंडिंग (23 अगस्त को) होने से पहले की बात है। हमने समझाया कि हमने इसे कैसे डिजाइन किया और हमारे इंजीनियरों ने इसे कैसे बनाया और हम चंद्रमा की सतह पर कैसे उतरने जा रहे हैं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, 'कोई टिप्पणी नहीं। सब कुछ अच्छा होने जा रहा है।'

विज्ञापन

जेपीएल एक अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला है, जो नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) द्वारा वित्त पोषित है और अमेरिका में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CALTECH) द्वारा प्रबंधित है। सोमनाथ ने कहा, 'उन्होंने (अमेरिकी अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने) भी एक बात कही- 'वैज्ञानिक उपकरणों को देखिए, ये बहुत सस्ते हैं। निर्माण करने के लिए बहुत आसान है और वे उच्च तकनीक के हैं। वे पूछ रहे थे- आपने इसे कैसे बनाया? आप इसे अमेरिका को क्यों नहीं बेच देते।'

उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए आप (छात्र) समझ सकते हैं कि समय कैसे बदल गया है। हम भारत में सर्वश्रेष्ठ उपकरण, सर्वोत्तम उपकरण और सर्वश्रेष्ठ रॉकेट बनाने में सक्षम हैं। इसलिए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र को खोला है।' भारत ने 23 अगस्त चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतारा था। इसके साथ ही यह अमेरिका, चीन और पूर्ववर्ती सोवियत संघ (रूस) के बाद चांद पर उतरने की उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया। चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर अपने यान को उतरने वाला भारत पहला देश है। 

सोमनाथ ने छात्रों से कहा, 'अब हम आप लोगों से कह रहे हैं कि आइए और रॉकेट, उपग्रहों का निर्माण करें और हमारे देश को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अधिक शक्तिशाली बनाएं। केवल इसरो ही नहीं, हर कोई अंतरिक्ष में ऐसा कर सकता है। एक कंपनी चेन्नई में अग्निकुल नामक रॉकेट बना रही है और दूसरी हैदराबाद में स्काईरूट नाम से है। कम से कम भारत में आज रॉकेट और उपग्रह बनाने वाली पांच कंपनियां हैं।'
 

कार्यक्रम स्थल पर मौजूद युवा दर्शकों से कलाम की विचारधारा का अनुसरण करने की अपील करते हुए सोमनाथ ने कहा कि सबसे शक्तिशाली उपकरण सपने देखना है और 'कलाम सर ने आपसे कहा था कि आपको सपने तब देखने चाहिए जब आप जाग रहे हों न कि रात में।' उन्होंने कहा, 'क्या किसी के पास ऐसे सपने हैं? क्या कोई चाँद पर जाना चाहता है? जब हमने चंद्रयान-3 को चांद पर उतारा तो मैंने प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को बताया कि भारत चंद्रमा पर है। और उन्होंने पूछा कि आप चंद्रमा पर एक भारतीय को कब भेजने जा रहे हैं। इसलिए, यहां बैठे आप में से कुछ लोग यह काम करेंगे। आप में से कुछ रॉकेट डिजाइन करेंगे जो चंद्रमा पर जाएगा।'
 

उन्होंने कहा, 'चंद्रयान-10 के प्रक्षेपण के समय आपमें से एक रॉकेट के अंदर बैठा होगा और संभवत: एक लड़की होगी। एक लड़की अंतरिक्ष यात्री भारत से जाएगी और फिर (चंद्रयान-10 मिशन में) चंद्रमा पर उतरेगी।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed