मणिपुर CM बोले: दंडित होंगे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले सुरक्षाकर्मी, घायलों का होगा निशुल्क इलाज
मुख्यमंत्री ने इंफाल इलाके में इस सप्ताह मंगलवार और बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में 100 से अधिक छात्रों के घायल होने की घटना दुख जताया और कहा वह अत्यधिक बल के इस्तेमाल से वास्तव में हैरान हैं।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को इस बात को दोहराया कि विरोध रैली पर कार्रवाई के दौरान छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने वाले सुरक्षाकर्मियों को दंडित किया जाएगा। यह रैली यहां दो छात्रों की कथित हत्या के खिलाफ आयोजित की गई थी। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने, शांति बनाए रखने और जातीय हिंसा का गवाह रहे राज्य के दुश्मनों से सामूहिक रूप से लड़ने की अपील की।
'अत्यधिक बल के इस्तेमाल से हैरान हूं..'
मुख्यमंत्री ने इंफाल इलाके में इस सप्ताह मंगलवार और बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में 100 से अधिक छात्रों के घायल होने की घटना दुख जताया और कहा, "मैं अत्यधिक बल के इस्तेमाल से वास्तव में हैरान हूं। बच्चों के साथ क्या किया गया। राज्य के मंत्रियों ने घायल छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है।"
'जिम्मेदार लोगों से कानूनी तरीके से निपटा जाएगा'
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को लगी गंभीर चोटों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनसे कानूनी तरीके से निपटा जाएगा। लगातार दो दिनों के विरोध प्रदर्शन दौरान राज्य पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के साथ झड़प में दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
'पैलेट गन से लगीं चालीस से ज्यादा गोलियां'
अस्पताल के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि उनमे से एक के सिर पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा चलाई गई पैलेट गन से चालीस से ज्यादा गोलियां लगीं और दूसरे एल किशन (17 वर्षीय) का कंधा नजदीक से चलाए गए पैलेट से टूट गया।
घायलों का होगा निशुल्क इलाज, सरकार वहन करेगी खर्च
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, गंभीर रूप से घायल छात्रों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 50,000 रुपये प्रदान किए गए हैं। अस्पतालों को भी यह सूचित किया गया है कि उनकी सभी आवश्यकताओं का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें मणिपुर के बाहर ले जाने की आवश्यकता है।