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कानून मंत्रालय के सचिव सुरेश चंद्रा की विदाई, आलोक श्रीवास्तव को मिला एडीशनल चार्ज
Fri, 30 Nov 2018 07:43 PM IST
Prateek Ranjan
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: Prateek Ranjan
Updated Fri, 30 Nov 2018 07:43 PM IST
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सुरेश चंद्रा (बीच में) राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल एवं अन्य, (फाइल फोटो)
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डीओपीटी ने शुक्रवार को कानून मंत्रालय के सचिव सुरेश चंद्रा को सेवा विस्तार दिए जाने की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए न्यायिक विभाग के सचिव आलोक श्रीवास्तव को मंत्रालय के सचिव का एडीशनल चार्ज दे दिया है। श्रीवास्तव अगले आदेश तक या फिर सचिव पद पर कोई नियमित अधिकारी नियुक्त होने तक कानून मंत्रालय के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। सुरेश चंद्रा 30 नवंबर को रिटायर हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से ऐसी खबरें आ रही थी कि सरकार के साथ अपनी नजदीकियों के चलते सुरेश चंद्रा को सेवा विस्तार मिल सकता है।
अमर उजाला डॉट कॉम ने वीरवार को ही यह खुलासा कर दिया था कि सुरेश चंद्रा को सेवा विस्तार मिलने की संभावनाएं कम हैं। साथ ही उनके अंतिम कार्यदिवस यानी शुक्रवार को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए उन्हें जो मोमेंटो दिया जाएगा, उसकी फोटो एवं अन्य जानकारी भी दे दी थी। उनके कार्यकाल को लेकर मंत्रालय में भी दो धड़े काम कर रहे थे।
चंद्रा की लॉबी के अफसर शुक्रवार दोपहर तक सेवा विस्तार की खबर आने का इंतजार करते रहे तो वहीं मंत्रालय के दूसरे शीर्षस्थ अफसर उनकी फेयरवेल पार्टी की तैयारी में जुटे थे। फेयरवेल का सर्कुलर कानून मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव के राजू और मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी रामायण यादव, रीता वशिष्ठ, के विश्वाल, सभी संयुक्त सचिव और अन्य अधिकारियों को भेज दिया गया था।
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अमर उजाला डॉट कॉम ने वीरवार को ही यह खुलासा कर दिया था कि सुरेश चंद्रा को सेवा विस्तार मिलने की संभावनाएं कम हैं। साथ ही उनके अंतिम कार्यदिवस यानी शुक्रवार को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए उन्हें जो मोमेंटो दिया जाएगा, उसकी फोटो एवं अन्य जानकारी भी दे दी थी। उनके कार्यकाल को लेकर मंत्रालय में भी दो धड़े काम कर रहे थे।
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चंद्रा की लॉबी के अफसर शुक्रवार दोपहर तक सेवा विस्तार की खबर आने का इंतजार करते रहे तो वहीं मंत्रालय के दूसरे शीर्षस्थ अफसर उनकी फेयरवेल पार्टी की तैयारी में जुटे थे। फेयरवेल का सर्कुलर कानून मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव के राजू और मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी रामायण यादव, रीता वशिष्ठ, के विश्वाल, सभी संयुक्त सचिव और अन्य अधिकारियों को भेज दिया गया था।
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सेवा विस्तार मिलने में बाधा बन गया सीबीआई प्रकरण
Momento
सीबीआई के डीआईजी एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने हलफनामें में सुरेश चंद्रा पर सतीश बाबू सना को बचाने के लिए केस में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और इसके चलते चंद्रा को आसानी से सेवा विस्तार नहीं मिल सकता। सीबीआई प्रकरण के चलते पहले ही केंद्र सरकार की किरकिरी हो चुकी है और अब ऐसे में सुरेश चंद्रा को सेवा विस्तार देकर सरकार किसी नए विवाद को जन्म नहीं देना चाहती।
चंद्रा को जेटली और रविशंकर का विश्वास हासिल
बताते हैं कि सुरेश चंद्रा को वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का पूरा भरोसा हासिल है। एक संयुक्त सचिव का कहना है कि उनके साहब का भाग्य ने हमेशा साथ दिया है। जब मंत्रालय में सचिव पद की नियुक्ति होनी थी, तब वही पिक्चर में नहीं थे। यहां तक कि उनके सचिव बन पाने का कोई चांस नहीं था, लेकिन बन गए।
सूत्र बताते हैं चंद्रा की योग्यता पूरी नहीं हो रही थी, लेकिन उन्हें सचिव बनाने के लिए जो योग्यता का पैमाना बनाया गया, उसमें मंत्रालय का कोई भी अधिकारी फिट नहीं बैठा। इन्हीं सब बातों को देखते हुए उन्हें सेवा विस्तार मिलने के क़यास लगाए जा रहे थे।
चंद्रा को जेटली और रविशंकर का विश्वास हासिल
बताते हैं कि सुरेश चंद्रा को वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का पूरा भरोसा हासिल है। एक संयुक्त सचिव का कहना है कि उनके साहब का भाग्य ने हमेशा साथ दिया है। जब मंत्रालय में सचिव पद की नियुक्ति होनी थी, तब वही पिक्चर में नहीं थे। यहां तक कि उनके सचिव बन पाने का कोई चांस नहीं था, लेकिन बन गए।
सूत्र बताते हैं चंद्रा की योग्यता पूरी नहीं हो रही थी, लेकिन उन्हें सचिव बनाने के लिए जो योग्यता का पैमाना बनाया गया, उसमें मंत्रालय का कोई भी अधिकारी फिट नहीं बैठा। इन्हीं सब बातों को देखते हुए उन्हें सेवा विस्तार मिलने के क़यास लगाए जा रहे थे।