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संसद बहस में खुला राज: 2024 चुनाव में क्या होगा विपक्ष का सबसे बड़ा एजेंडा, सरकार कैसे करेगी इसका मुकाबला

Thu, 21 Sep 2023 02:00 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 21 Sep 2023 02:00 PM IST
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सार
Parlaiment special session: सोनिया गांधी, राहुल गांधी, डिंपल यादव, असदुद्दीन ओवैसी और विपक्ष के अन्य नेताओं के बयानों से यह साफ हो जाता है कि वह अगले चुनाव में जातिगत जनगणना के मुद्दे को बड़ा मुद्दा बनाएगी। ओबीसी समुदाय की हिस्सेदारी को विपक्ष बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश करेगा...
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Secret revealed in parliament special session debate, opposition will focus on caste census
Parlaiment special session - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

इसी साल के अंत में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन अभी से केंद्र सरकार और विपक्ष के हर कामों-बयानों को 2024 के लोकसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। महिला आरक्षण पर लोकसभा में हुई बहस से यह भी सामने आ गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष सरकार को किन मुद्दों के सहारे घेरने का काम करेगा। सरकार के जवाब से भी इस बात के संकेत मिल जाते हैं कि वह विपक्ष के हमलों का कैसे जवाब देगी?

महिला आरक्षण विधेयक, जिसे सरकार ने 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' का नाम दिया है, पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि इस आरक्षण को देने के लिए जातिगत जनगणना का पेंच फंसा रही है, लेकिन वह जनगणना कराने के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सचिवों के ओबीसी संख्या पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी कम है।

सोनिया गांधी, राहुल गांधी, डिंपल यादव, असदुद्दीन ओवैसी और विपक्ष के अन्य नेताओं के बयानों से यह साफ हो जाता है कि वह अगले चुनाव में जातिगत जनगणना के मुद्दे को बड़ा मुद्दा बनाएगी। ओबीसी समुदाय की हिस्सेदारी को विपक्ष बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश करेगा। यदि यह मुद्दा चलता है तो यूपी-बिहार सहित उत्तर भारत के कई बड़े राज्यों में भाजपा को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इस तरह सरकार करेगी काट

अमित शाह ने राहुल गांधी के बयानों का जवाब देते हुए कहा कि ओबीसी समुदाय की उपेक्षा का आरोप गलत है। उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा 85 सांसद यानी 29 फीसदी ओबीसी समुदाय से ही हैं। केंद्र सरकार के 29 मंत्री भी ओबीसी समुदाय से हैं। भाजपा के पूरे देश में इस समय 1358 विधायक हैं। इनमें से 27 फीसदी विधायक ओबीसी समुदाय से हैं। इसी प्रकार 163 एमएलसी में 65 या 40 फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश और सरकार इसके चुने हुए जनप्रतिनिधि चलाते हैं। इन जन प्रतिनिधियों में ओबीसी समुदाय को सबसे बड़ी हिस्सेदारी देने का काम भाजपा ने किया है। शाह के इस बयान से यह स्पष्ट हो जाता है कि जब विपक्ष इस मुद्दे के सहारे सरकार पर हमला बोलेगा तब सरकार इन आंकड़ों के सहारे विपक्ष को जवाब देने और जनता को अपने भरोसे में लेने की कोशिश करेगी।    

हिंदू कार्ड का जमकर उपयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमित शाह, स्मृति ईरानी और बिल पेश करने वाले कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तक के संसद में दिए गए संबोधनों को ध्यान से देखें, तो सबने बार-बार इस बात का उल्लेख किया कि नई संसद का उद्घाटन गणेश चतुर्थी के दिन किया गई। प्रधानमंत्री मोदी ने गणेश को सुख और समृद्धि का प्रतीक बताया, तो स्मृति ईरानी यह बताने से नहीं चूकीं कि गणेश भगवान का स्वरूप उनकी माता के कारण है।

हाल के दिनों में उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयानों पर जिस तरह की तीव्र प्रतिक्रिया हुई है, उसे देखते हुए लगता है कि भाजपा इसे बड़ा मुद्दा बनाएगी। भाजपा के सभी शीर्ष नेता इस मुद्दे पर एक सुर में बोल रहे हैं। राजस्थान-मध्यप्रदेश के चुनावों में अभी से इस मुद्दे पर राजनीति तेज होने लगी है। जिस प्रकार से भाजपा नेता बयान दे रहे हैं, माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति बना रही है।    

परिणाम की करनी होगी प्रतीक्षा

असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि यह सब केवल हिंदू बहुल जनता और मतदाता को अपने पक्ष में लाने के लिए किया जा रहा है। नई संसद का गणेश चतुर्थी के दिन उद्घाटन और बार-बार बयानों के माध्यम से यह संदेश देना सरकार की रणनीति का खुलासा करता है। यानी लोकसभा चुनाव का एजेंडा सेट हो गया है। अब यह देखना शेष है कि जनता इनमें से किसके दावों पर भरोसा करती है।

कितना सफल होगा ये चुनावी मुद्दा

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि सरकार ने इस समय इस बिल को लाकर चुनावी लाभ लेने की रणनीति अपनाई है, लेकिन उनका दावा है कि महंगाई और बेरोजगारी से परेशान जनता उसके इस झांसे में नहीं फंसेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार का असली चेहरा पहचान लिया है। अब उसके इस तरह के दिखावटी कामों से जनता का मन नहीं बदलेगा।

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