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आईसीआईसीआई बैंक और कोचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है सेबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 Jun 2018 06:38 AM IST
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सेबी ने कहा है कि वह आईसीआईसीआई बैंक और उसकी सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के पक्ष में है। इस मामले में अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर उसका कहना है कि कोचर ने अपने पति और वीडियोकॉन समूह के बीच व्यावसायिक रिश्तों में ‘हितों के टकराव’ को लेकर जानकारी छिपाकर लिस्टिंग डिसक्लोजर के नियमों का उल्लंघन किया है। नियमों के उल्लंघन के लिए आईसीआईसीआई बैंक पर 25 करोड़ रुपये और सीईओ कोचर से एक करोड़ रुपये तक की पेनाल्टी वसूली जा सकती है। सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पेनाल्टी के अलावा इस मामले में अन्य दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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उक्त अधिकारी के अनुसार इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक, चंदा कोचर एवं अन्य को सेबी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। बता दें कि सेबी के अलावा आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक बोर्ड द्वारा गठित एक स्वतंत्र जांच दल भी इस मामले जांच कर रहा है और कोचर को तब तक अवकाश पर भेज दिया गया है।
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पिछले हफ्ते आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कोचर बैंक की एमडी और सीईओ बनी रहेंगी, जबकि बैंक की बीमा विभाग के प्रमुख संदीप बख्शी को पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ नियुक्त किया गया है। वे बैंक का दैनिक कामकाज देखेंगे और कोचर को रिपोर्ट करेंगे। मालूम हो कि बैंक का निदेशकबोर्ड कोचर में पूरा भरोसा जता चुका है।
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कोचर की स्वीकारोक्ति
सेबी की जांच के अनुसार चंदा कोचर ने यह स्वीकार किया है कि पिछले कई सालों से उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत के बीच कारोबारी रिश्ते थे। उन्होंने यह भी माना कि वे दोनों न्यूपावर के सह-संस्थापक और प्रवर्तक थे। इस आधार पर सेबी इस नतीजे पर पहुंचा है कि आईसीआईसीआई बैंक की वीडियोकॉन के साथ डीलिंग में ‘हितों का टकराव’ हुआ है। आईसीआईसीआई बैंक ने 2012 में वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया था जो अब एनपीए बन चुका है।
नियमों का उल्लंघन
चंदा कोचर ने अपने पति के इस कारोबारी रिश्ते को उजागर नहीं करके लिस्टिंग समझौते का उल्लंघन किया है। बैंक की गलती यह है कि उसने अपने सीईओ द्वारा नियमों के उल्लंघन की अनदेखी की। इसके मद्देनजर इस मामले में कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है।