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CJI Tenure: सीजेआई का कार्यकाल न्यूनतम छह महीन का होना चाहिए, SCBA अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने दिया सुझाव
Tue, 13 Jun 2023 01:00 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 13 Jun 2023 01:00 AM IST
सार
अपने अभिनंदन के लिए आयोजित एक समारोह में बोलते हुए एसीबीए अध्यक्ष ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए मौजूदा मानदंडों में बदलाव की भी मांग की। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समारोह में मुख्य अतिथि थे और पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन भी उपस्थित थे।
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SCBA के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल।
- फोटो : Twitter@adishcaggarwala
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का कार्यकाल कम से कम छह महीने का होना चाहिए ताकि न्याय के समुचित प्रशासन के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जा सके।
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अपने अभिनंदन के लिए आयोजित एक समारोह में बोलते हुए एसीबीए अध्यक्ष ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए मौजूदा मानदंडों में बदलाव की भी मांग की। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समारोह में मुख्य अतिथि थे और पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन भी उपस्थित थे।
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अग्रवाल ने कहा, मेरा विचार है कि न्याय के उचित प्रशासन और देश की न्यायिक प्रणाली को प्रभावित करने वाली नीतियों के कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करने के लिए भारत के किसी भी मुख्य न्यायाधीश को तब तक नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि उनका सीजेआई के रूप में न्यूनतम छह महीने का कार्यकाल न हो। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति और पदोन्नति केवल योग्यता के आधार पर होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा, "अगर कोई न्यायाधीश उच्च न्यायालय में पदोन्नत होने के लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उसे भी न्यायाधीश के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और इसके बजाय उसे उसके पद से हटा दिया जाना चाहिए।" अग्रवाल ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को किसी भी न्यायाधिकरण या आयोग में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश पदों की स्वीकृत संख्या में उपयुक्त वृद्धि के बाद केवल वर्तमान न्यायाधीशों को ऐसे पदों पर नियुक्त किया जाना चाहिए। हम यह भी चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति की उम्र मौजूदा 65 से बढ़ाकर 68 किया जाए। उन्होंने कहा, इसी तरह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जानी चाहिए। जिला न्यायपालिका में इसे 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किया जाना चाहिए।