फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Scammers Impersonate PM, Finance Minister and Chief Ministers; Calls Traced to Pakistani Numbers

साइबर क्राइम: पीएम, वित्त मंत्री और सीएम के नाम पर हो रही वित्तीय धोखाधड़ी; पाकिस्तान के नंबर से आ रही कॉल

Mon, 19 Oct 2026 09:13 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 19 Oct 2026 09:13 PM IST
विज्ञापन
Scammers Impersonate PM, Finance Minister and Chief Ministers; Calls Traced to Pakistani Numbers
साइबर क्राइम रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (एनसीटीएयू) ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए होने वाले वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी देखी है। इन विज्ञापनों में भारत के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों जैसी जानी-मानी सार्वजनिक और राजनीतिक हस्तियों का रूप धरकर, फर्जी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार किया जाता है। लोगों को वित्तीय सहायता देने का वादा किया जाता है। नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने लोगों को ऐसे वित्तीय फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी है। 
विज्ञापन


जब एक बार लोगों को भरोसा हो जाता है और साइबर अपराधी, पीड़ितों से उन लाभों को पाने के बदले में कुछ शुल्क या टैक्स चुकाने के लिए कहते हैं। कुछ मामलों में, विज्ञापनों के जरिए 'स्क्रैच-कार्ड' या 'स्पिन-एंड-विन' जैसे कॉन्टेस्ट के नाम पर फर्जी कैशबैक इनाम का लालच दिया जाता है। इसके जरिए पीड़ितों को धोखे से यूपीआई 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' स्वीकार करने के लिए राजी किया जाता है, जिससे उनके पैसे सीधे जालसाजों के पास चले जाते हैं।
विज्ञापन

काम करने का तरीका 


1. प्रचार-प्रसार: 
मेटा प्लेटफॉर्म्स पर मुख्य रूप से ऐसे विज्ञापन दिखाए जाते हैं, जिनमें डीपफेक या छेड़छाड़ किए गए वीडियो होते हैं। इनमें मशहूर हस्तियां किसी कल्याणकारी योजना के बारे में बताती और उसका प्रचार करती हुई दिखती हैं, जिसका मकसद जरूरतमंदों को आर्थिक मदद देना बताया जाता है। इन विज्ञापनों में फोन नंबर दिए होते हैं, जिनके जरिए या तो किसी कल्याणकारी योजना के तहत आर्थिक मदद का वादा किया जाता है या फिर 'स्क्रैच कार्ड' और 'स्पिन-एंड-विन' जैसे ऑफर्स के जरिए कैशबैक या इनाम देने का लालच दिया जाता है। इनमें से कई वेबसाइटें राजनीतिक विज्ञापनों की श्रेणी में आती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


2. शुरुआती संपर्क और शिकार बनाना: 
इन विज्ञापनों के जरिए लोगों को किसी फोन नंबर या व्हाट्सएप चैट पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है, या फिर किसी फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, ताकि वे उस कथित योजना का लाभ या पैसे पाने का दावा कर सकें। कई मामलों में, लोगों को अंतरराष्ट्रीय नंबरों (खासकर पाकिस्तान के +92 वाले नंबरों) से कॉल आते हैं। कॉल करने वाले दावा करते हैं कि उन्हें इस योजना के तहत पैसे पाने के लिए चुना गया है। कुछ मामलों में, लोगों को एक ऐसी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, जहां 'स्क्रैच कार्ड' या 'स्पिन-एंड-विन' जैसा विकल्प होता है।

3. एडवांस फीस (अग्रिम शुल्क): 
लोगों को पैसे या लाभ दिलाने का झांसा देकर, उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज, वेरिफिकेशन फीस या अन्य प्रशासनिक खर्चों के नाम पर बार-बार पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया जाता है।

4. वित्तीय धोखाधड़ी: 
लोग कई बार पैसे जमा कर देते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कुछ मामलों में, लोगों को किसी पेमेंट ऐप पर भेज दिया जाता है और इनाम की रकम पाने के बहाने उनसे उनका ट्रांजैक्शन पिन डलवा लिया जाता है। असल में, ऐसा करने से उनके खाते से पैसे कट जाते हैं और ठगी करने वाले के पास चले जाते हैं।

सावधानियां और सुरक्षा सुझाव:  

1. कल्याणकारी योजनाओं की जांच करें: सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले, संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उस कल्याणकारी योजना के बारे में पूरी जानकारी लें।

2. पेमेंट की मांग की जांच करें: अगर किसी कल्याणकारी योजना के नाम पर आपसे कोई फीस या पेमेंट मांगा जाता है, तो यह जरूर पता करें कि वह किसलिए है और किसे दिया जा रहा है।

3. पहचान की पुष्टि करें: अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी विभाग का प्रतिनिधि बताता है, तो आधिकारिक माध्यमों से उसकी पहचान की पुष्टि करें। अगर कोई शक हो, तो खुद जाकर संबंधित सरकारी कार्यालय में पता करें।

4. अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखें: अनजान लोगों के साथ आधार, पैन, बैंक विवरण, ओटीपी या यूपीआई पिन साझा करते समय सावधानी बरतें।

5. वीडियो की प्रमाणिकता जांचें: सरकारी अधिकारियों से जुड़े वीडियो और वॉयस रिकॉर्डिंग को लेकर सतर्क रहें और आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से दावों की पुष्टि करें।


6. यूपीआई अनुरोधों की जांच करें: किसी यूपीआई कलेक्ट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने या यूपीआई पिन दर्ज करने से पहले, ट्रांजेक्शन (लेन-देन) के विवरण की जांच कर लें। यूपीआई पिन का उपयोग भुगतान करने (पैसे भेजने) के लिए किया जाता है, न कि पैसे प्राप्त करने के लिए। किसी भी धोखाधड़ी वाले ऐप या घोटाले की घटना की सूचना तुरंत 1930 पर दें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed