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एससी-एसटी एक्ट के विरोध में राष्ट्रपति को खून से पत्र लिख मांगी इच्छामृत्यु

Sat, 15 Sep 2018 02:45 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़ 
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़  Updated Sat, 15 Sep 2018 02:45 AM IST
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SC-ST Act: all india hindu mahasabha Member pooja shakun pandey wrote letter to President Euthanasia
sc st act

एससी-एसटी एक्ट में ताजा संशोधन के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा भी अब खुलकर सामने आ गई। संगठन की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने अपने खून से आठ पेज का पत्र लिखकर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि मोदी सरकार वोटों की खातिर हिंदू समाज को विभाजित कर रही है।

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इस कानून से समानता के अधिकार का उल्लंघन तो हो ही रहा है, देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा हो जाएंगे। उनके साथ 15 अन्य पदाधिकारियों ने भी अपना खून निकाल इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगाया। डॉ. पांडेय ने इस मौके पर पत्रकारों से भी वार्ता की। पूजा कुछ दिन पहले मेरठ में ‘हिंदू न्यायपीठ’ की जज बनाए जाने को लेकर चर्चा में आई थीं।
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डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने पत्रकारों के समक्ष सिरिंज से खून निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में लिखा कि हिंदू विभाजक, समाज विभाजक इस काले कानून का केवल दुरुपयोग रोक कर सुप्रीम कोर्ट ने इसको दुष्प्रभावी होने से बचाया था, लेकिन इस संशोधन के बाद सवर्ण और ओबीसी अब फिर डरकर जी रहा है। भविष्य में जाने-अनजाने इस विधेयक का शिकार होकर इन वर्गों के लोग आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। लिहाजा इस कानून पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं अन्यथा उन्हें महासभा के कार्यकर्ताओं के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति दें। 
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कथावाचक देवकीनंदन की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार जो हालात पैदा कर रही है, उनमें सामान्य व्यक्ति का जीवित रहना बेकार है। अभिव्यक्ति की आजादी पर भी पाबंदी है। उन्होंने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की आगरा में गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा, एक तरफ सरकार काला कानून ला रही है, दूसरी ओर आवाज उठाने वाले वालों का दमन कर रही है।

उन्होंने कहा, हमें संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 के तहत न्याय एवं शिक्षा में समानता का अधिकार दिया गया है। इस कानून से इस अधिकार का उल्लंघन होते हुए वे अब देखना नहीं चाहतीं, अतएव इच्छामृत्यु का फैसला ले रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में महासभा के कार्यकर्ता मौजूद थेे।
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