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Kerala HC: ‘बेहद खतरनाक’ कुत्तों को मारने की याचिका पर केरल सरकार को नोटिस, दिव्यांग लड़के की मौत का मामला
Thu, 22 Jun 2023 06:10 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 22 Jun 2023 06:10 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट केरल के कन्नूर की जिला पंचायत की ओर से खतरनाक कुत्तों के हमलों का मुद्दा उठाते हुए दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में जिले में इसी महीने कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय दिव्यांग लड़के की मौत का जिक्र किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार से राज्य के कन्नूर जिले में ‘संदिग्ध पागल’ और ‘बेहद खतरनाक’ हो चुके कुत्तों को मारने की इजाजत मांगने वाली याचिका पर जवाब तलब किया है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाशकालीन पीठ ने प्रदेश सरकार को सात जुलाई तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट केरल के कन्नूर की जिला पंचायत की ओर से खतरनाक कुत्तों के हमलों का मुद्दा उठाते हुए दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में जिले में इसी महीने कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय दिव्यांग लड़के की मौत का जिक्र किया गया है। इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए पीठ के समक्ष पेश किया गया था। पीठ ने कहा कि मौखिक अनुरोध पर, मामले पर सुनवाई के लिए 12 जुलाई को संज्ञान में लिया गया। जवाबी हलफनामा सात जुलाई तक दायर किया जाना है। याचिका में कहा गया है कि 2019 में 5,794 कुत्तों के हमले, 2020 में 3,951 मामले, 2021 में 7,927 मामले, 2022 में 11,776 मामले और 19 जून 2023 तक 6,276 मामले केवल कन्नूर जिले में दर्ज किए गए।
समीर महेंद्रू की अंतरिम जमानत के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इन्कार
सुप्रीम कोर्ट ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू को चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत देने के दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर तत्काल सुनवाई से बुधवार को इन्कार कर दिया।
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महेंद्रू को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अंतरिम जमानत दी गई है। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया। पीठ ने कहा, किसी की जमानत हो गई है, कई जेलों में बंद हैं। हाईकोर्ट ने 12 जून को कहा था कि आरोपी जानलेवा बीमारियों से पीड़ित है जिसके लिए तत्काल चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता है।
अदालत ने कहा था, प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त और प्रभावी उपचार पाने का अधिकार है। अदालत ने महेंद्रू पर कई शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्पताल और अपने घर से बाहर नहीं जाएंगे और देश भी नहीं छोड़ेंगे। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के संबंधित प्रावधानों के तहत महेंद्रू के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले को लेकर
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी से सामने आया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को आबकारी नीति लागू की थी। लेकिन, भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सितंबर, 2022 के अंत में इस नीति को रद्द कर दिया था। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इस मामले में एक आरोपी हैं।
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सुप्रीम कोर्ट केरल के कन्नूर की जिला पंचायत की ओर से खतरनाक कुत्तों के हमलों का मुद्दा उठाते हुए दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में जिले में इसी महीने कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय दिव्यांग लड़के की मौत का जिक्र किया गया है। इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए पीठ के समक्ष पेश किया गया था। पीठ ने कहा कि मौखिक अनुरोध पर, मामले पर सुनवाई के लिए 12 जुलाई को संज्ञान में लिया गया। जवाबी हलफनामा सात जुलाई तक दायर किया जाना है। याचिका में कहा गया है कि 2019 में 5,794 कुत्तों के हमले, 2020 में 3,951 मामले, 2021 में 7,927 मामले, 2022 में 11,776 मामले और 19 जून 2023 तक 6,276 मामले केवल कन्नूर जिले में दर्ज किए गए।
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समीर महेंद्रू की अंतरिम जमानत के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इन्कार
सुप्रीम कोर्ट ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू को चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत देने के दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर तत्काल सुनवाई से बुधवार को इन्कार कर दिया।
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महेंद्रू को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अंतरिम जमानत दी गई है। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया। पीठ ने कहा, किसी की जमानत हो गई है, कई जेलों में बंद हैं। हाईकोर्ट ने 12 जून को कहा था कि आरोपी जानलेवा बीमारियों से पीड़ित है जिसके लिए तत्काल चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता है।
अदालत ने कहा था, प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त और प्रभावी उपचार पाने का अधिकार है। अदालत ने महेंद्रू पर कई शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्पताल और अपने घर से बाहर नहीं जाएंगे और देश भी नहीं छोड़ेंगे। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के संबंधित प्रावधानों के तहत महेंद्रू के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले को लेकर
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी से सामने आया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को आबकारी नीति लागू की थी। लेकिन, भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सितंबर, 2022 के अंत में इस नीति को रद्द कर दिया था। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इस मामले में एक आरोपी हैं।