फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC set aside notification for Ladakh hill council polls, orders fresh process in seven days

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: हल के निशान पर लद्दाख चुनाव लड़ेगी NC, सात दिनों के अंदर जारी करें नई अधिसूचना

Wed, 06 Sep 2023 12:01 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 06 Sep 2023 12:01 PM IST
सार

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को 'हल' चिह्न आवंटित करने का विरोध करने वाली लद्दाख प्रशासन की याचिका खारिज कर दी। साथ ही शीर्ष अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन
SC set aside notification for Ladakh hill council polls, orders fresh process in seven days
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लद्दाख हिल काउंसिल चुनाव के लिए चुनाव विभाग की पांच अगस्त की अधिसूचना को रद्द कर दिया। साथ ही इसके लिए एक सप्ताह के अंदर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है। वहीं शीर्ष अदालत ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को 'हल' चिह्न आवंटित करने का विरोध करने वाली लद्दाख प्रशासन की याचिका भी खारिज कर दी है।

विज्ञापन

एक लाख रुपये का जुर्माना

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने आदेश दिया है कि लद्दाख हिल काउंसिल चुनाव के लिए सात दिनों के अंदर नई अधिसूचना जारी की जाए। पीठ ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को 'हल' चिह्न आवंटित करने का विरोध करने वाली लद्दाख प्रशासन की याचिका भी खारिज कर दी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन

लद्दाख प्रशासन पहले पहुंचा हाईकोर्ट

एकल न्यायाधीश ने लद्दाख प्रशासन द्वारा नेशनल कांफ्रेंस को हल के निशान पर चुनाव न लड़ने के आदेश को रद्द कर दिया था। लद्दाख प्रशासन ने एकल न्यायाधीश के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन को लगा था झटका
खंडपीठ ने कहा था कि एकल न्यायाधीश ने जो फैसला किया है, उसमें हमें कोई खामी नजर नहीं आती। पार्टी को चुनाव निशान काउंसिल के चुनाव नियमों के तहत दिया गया है। इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं। लिहाजा हमें नहीं लगता कि खंडपीठ को इसमें कोई दखल देने की जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा था संरक्षित

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस को हल चुनाव निशान देने से इनकार किए जाने को लेकर नेकां की ओर से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला संरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट के डिवीजन बेंच ने दोनों तरफ की बहस पूरी होने के बाद कहा था कि फैसला छह सितंबर को सुनाया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सालीस्टिर जनरल केएम नटराज ने कहा था कि चुनाव निशान आदेश 1968 केवल विधानसभा व संसदीय चुनाव पर लागू होता है और स्थानीय निकाय चुनाव में यह आदेश लागू नहीं होता। 

उन्होंने दलील दी थी कि आरक्षित चुनाव निशान केवल राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टियों को दिया जाता है। वैसे भी नेकां के 89 उम्मीदवारों में से किसी ने भी हल चुनाव निशान देने की मांग नहीं की है। दस सितंबर को होने वाले इस चुनाव के लिए 23 अगस्त को नामांकन पत्र दायर करने की अंतिम तिथि थी और 26 अगस्त तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकते थे।

नेकां के वकील ने दलील दी थी कि नेकां लद्दाख हिल काउंसिल की सत्ता में थी और इसके उम्मीदवारों को स्थानीय चुनाव में पार्टी के आरक्षित चुनाव निशान देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह स्थानीय चुनाव भी पार्टी आधारित हो रहे हैं। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट के डिवीजन बेंच ने नेकां उम्मीदवारों को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद हल का निशान न दिए जाने को अनुचित करार दिया था। ऐसे में अगर जरूरत पड़ी तो बेंच चुनाव रद्द कर सकता है। पांच अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत तीस सदस्यों वाली लद्दाख हिल काउंसिल की 26 सीटों के लिए दस सितंबर को मतदान होना है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed