फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC seeks details from all HCs about criminal cases pending for over five years against lawmakers

SC: सुप्रीम कोर्ट का सभी उच्च न्यायालयों को निर्देश, सांसद-विधायक के खिलाफ लंबित मामलों का ब्योरा दें

Mon, 10 Oct 2022 10:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 10 Oct 2022 10:53 PM IST
सार

न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने अपने 10 अगस्त 2021 के उस आदेश को भी संशोधित किया है, जिसमें उसने कहा था कि न्यायिक अधिकारियों को अदालत की अनुमति के बिना नहीं बदला जाना चाहिए।

विज्ञापन
SC seeks details from all HCs about criminal cases pending for over five years against lawmakers
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI (File)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सभी उच्च न्यायालयों से उन सभी सांसदों-विधायकों के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है जिनके खिलाफ पांच वर्षों से ज्यादा समय से आपराधिक मामले लंबित हैं। 

विज्ञापन


न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने अपने 10 अगस्त 2021 के उस आदेश को भी संशोधित किया है, जिसमें उसने कहा था कि उन न्यायिक अधिकारियों को अदालत की अनुमति के बिना नहीं बदला जाना चाहिए, जो कानून निर्माताओं (सांसद-विधायक)  के खिलाफ सुनवाई कर रहे हैं। 
विज्ञापन


सर्वोच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसरिया की इस दलील पर भी गौर किया कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा विशेष अदालत के प्रभार से मुक्त होने के लिए कई आवेदन दाखिल किए जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पदोन्नत या स्थानांतरित किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त 2021 के आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह अधिकार होगा कि वह ऐसे न्यायिक अधिकारियों के तबादलों का आदेश दे सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि सभी उच्च न्यायालयों को चार सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल करना होगा और सांसदों-विधायकों के खिलाफ पांच साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों की संख्या और उनके शीघ्र निपटारे के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताना होगा। 


अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने साल 2016 में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने उन मामलों में सुनवाई तेज करने की मांग की थी जिनमें आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने पर राजनेताओं के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के अलावा सांसदों-विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों को निपटाने की बात कही गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed