{"_id":"5b9d8f39867a557f23345fbb","slug":"sc-says-vehicle-owners-are-not-guilty-under-arms-act-recovery-of-prohibited-ammunitions-in-vehicle","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाड़ी में प्रतिबंधित गोला-बारूद की बरामदगी मात्र से मालिक दोषी नहीं : सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गाड़ी में प्रतिबंधित गोला-बारूद की बरामदगी मात्र से मालिक दोषी नहीं : सुप्रीम कोर्ट
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 16 Sep 2018 04:31 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाहन में प्रतिबंधित गोला-बारूद की बरामदगी मात्र से वाहन मालिक को शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बरामदगी से पहले आरोपी को वाहन में प्रतिबंधित गोला-बारूद होने की जानकारी न हो और बरामदगी केवक्त प्रतिबंधित गोला-बारूद आरोपी केनियंत्रण में न हो, तब तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी करते हुए यह बात कही है। उस व्यक्ति की गाड़ी से प्रतिबंधित गोला-बारूद बरामद हुए थे। पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष केलिए यह साबित करना जरूरी है कि बरामदगी से पहले मालिक को अपने वाहन में गोला-बारूद होने की जानकारी थी और बरामदगी केवक्त गोला-बारूद उसकेनियंत्रण में हो।
विज्ञापन
वास्तव में गुजरात की एक निचली अदालत ने मोहम्मद रफीक अब्दुल रहीम शेख को यह देखते हुए शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं केतहत दोषी करार दिया था कि उसकी कार से प्रतिबंधित गोला-बारूद बरामद हुए थे। निचली अदालत ने उस शख्स को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब यह इस बात का कोई साक्ष्य न हो कि आरोपी की कार में प्रतिबंधित गोला-बारूद कैसे आया, आरोपी का कार से नजदीकी और कैसे उसने उस गोला-बारूद दूसरे को सौंपा, तब तक आखिर किसी को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है? इस मामले में पीठ ने पाया कि आरोपी की जानकारी में ही यह बात नहीं थी कि उसकी गाड़ी में प्रतिबंधित गोला-बारूद है। अभियोजन पक्ष केपास भी इसे लेकर एक भी पुख्ता सबूत नहीं था।