फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC reprimanded Punjab Police, said Respect army, it is because of them that you can sleep peacefully at home

SC: 'सेना का सम्मान करें, आप उनकी वजह से घर में चैन की नींद सो रहे'; पंजाब पुलिस के अफसरों को 'सुप्रीम' फटकार

Tue, 05 Aug 2025 06:03 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 05 Aug 2025 06:03 AM IST
सार

पंजाब के पुलिस अफसरों पर कर्नल की पिटाई के आरोप से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सेना का सम्मान करें। वे सीमा पर आपका बचाव करने जाते हैं, और राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे हुए वापस आते हैं।

विज्ञापन
SC reprimanded Punjab Police, said Respect army, it is because of them that you can sleep peacefully at home
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय सेना के महत्व को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सेना का सम्मान किया जाना चाहिए, उनकी वजह से हम घर में चैन की नींद सो पा रहे हैं। शीर्ष अदालत ने ये टिप्पणी करते हुए पंजाब पुलिस के उन अधिकारियों के आचरण की कड़ी निंदा की, जिन पर एक सेवारत सेना कर्नल और उनके बेटे पर हमला करने का आरोप है। दोनों को पंजाब पुलिस के चार अधिकारियों ने इसलिए पीटा था क्योंकि उन्होंने दिल्ली से पटियाला जाते समय एक भोजनालय में खाना खाते समय अपनी गाड़ियां हटाने से मना कर दिया था। सैन्य अधिकारी के काफी प्रयास के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

विज्ञापन


जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले की जांच सीबीआई को देने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, हाईकोर्ट का आदेश सुविचारित है। शुरुआत में अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि वह भारी जुर्माना लगाने के लिए इच्छुक है लेकिन अंतिम आदेश सुनाते समय उसने जुर्माना नहीं लगाया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने ऐसा आदेश पारित किया है जिससे मुकदमा शुरू होने से पहले ही पुलिस अधिकारियों पर अभियोग लग गया है।
विज्ञापन


एफआईआर में आठ दिन की देरी क्यों हुई इस तरह की अराजकता स्वीकार नहीं
जस्टिस शर्मा ने कहा, जब युद्ध चल रहा है, तब आप पुलिस अधिकारियों का महिमामंडन कर रहे हैं। आपके एसएसपी कहते हैं, अग्रिम जमानत खारिज होने के बावजूद मैं उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रहा हूं क्योंकि वे पुलिस अधिकारी हैं। एफआईआर दर्ज करने में आठ दिन की देरी हुई! सेना के लोगों का सम्मान कीजिए। आप अपने घर में चैन की नींद सो रहे हैं क्योंकि वह आदमी -40 डिग्री तापमान में सीमा पर तैनात है। पीठ ने कहा, हम इसमें भारी जुर्माना लगाएंगे। इस तरह की अराजकता स्वीकार्य नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वे आपकी रक्षा के लिए सीमा पर जाते हैं और राष्ट्रीय ध्वज में लिपट कर आते हैं
पीठ ने कहा, वे आपका बचाव करने जाते हैं, और राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे हुए वापस आते हैं। आपको सैनिकों का सम्मान करना चाहिए। जस्टिस कुमार ने यह भी कहा, अगर आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो आप स्वतंत्र जांच से क्यों कतराते हैं? एफआईआर दर्ज होने के आठ दिन बाद शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच न होने की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने जांच को स्थानांतरित कर आईपीएस अधिकारी मंजीत को चार महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बावजूद किसी भी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया। जिसके कारण हाईकोर्ट को यह टिप्पणी करने के लिए बाध्य होना पड़ा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह पता चले कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। इसलिए उसने 16 जुलाई को सीबीआई द्वारा जांच करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed