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महाराष्ट्र: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डांस-ऑर्केस्ट्रा बार में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या सीमित करने वाली शर्त खत्म

Sat, 19 Feb 2022 05:15 PM IST
Amit Mandal राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Amit Mandal Updated Sat, 19 Feb 2022 05:15 PM IST
सार

राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि सार्वजनिक हित में और सार्वजनिक नैतिकता के हित को देखते हुए ये पाबंदी आवश्यक है। साथ ही यह महिलाओं के कल्याण को बढ़ावा देने और उनकी मानव तस्करी व शोषण को रोकने के लिए प्रतिबंध आवश्यक हैं।

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SC nullifies gender cap on performers in orchestra bars in Maharashtra, says stereotypical view has no place
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के डांस और ऑर्केस्ट्रा बार में महिला कलाकारों की संख्या चार तक सीमित करने की शर्त को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने महिला कलाकारों की संख्या तय करने की शर्त को रूढ़िवादी दृष्टिकोण बताया और कहा कि यह महिलाओं को पसंद का व्यवसाय चुनने से दूर करने वाला और उनकी आकांक्षाओं को मारने वाला है। 

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जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि इस तरह का प्रतिबंध सीधे तौर पर कलाकारों व लाइसेंसधारी बार मालिकों को संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। जस्टिस भट द्वारा लिखे फैसले में कहा गया है कि प्रतिबंध को बनाए रखने के लिए महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने का औचित्य महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने से रोकने वाला है। 
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यदि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई वास्तविक चिंता थी तो राज्य को अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए उनके काम करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने और उनके रोजगार को सुविधाजनक बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने चाहिए थे न कि उनकी पसंद को रोकने की कोशिश करनी चाहिए थी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला रद्द
पीठ ने इसी के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें ऑर्केस्ट्रा बार के मंच पर केवल चार महिलाओं और चार पुरुष गायकों या कलाकारों को रखने के लिए लाइसेंस की शर्त के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी।

बार लाइसेंसधारकों ने दी थी चुनौती
बार लाइसेंसधारकों में से होटल प्रिया की ओर से पेश वकील प्रसेनजीत केसवानी और मनोज के मिश्रा ने तर्क दिया कि प्रतिष्ठानों को केवल आठ कलाकारों को रखने और वह भी चार पुरुष और चार महिला कलाकारों को शामिल करने की शर्तें संविधान के अनुच्छेद-14 और अनुच्छेद- 19(1)(जी) का उल्लंघन हैं।


सरकार ने महिलाओं का शोषण रोकने की दलील दी थी
राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि सार्वजनिक हित में और सार्वजनिक नैतिकता के हित को देखते हुए ये पाबंदी आवश्यक है। साथ ही यह महिलाओं के कल्याण को बढ़ावा देने और उनकी मानव तस्करी व शोषण को रोकने के लिए प्रतिबंध आवश्यक हैं।

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