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सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आनंद ग्रोवर और इंदिरा जयसिंह को जारी किया नोटिस

Thu, 14 Nov 2019 01:13 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 14 Nov 2019 01:13 PM IST
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SC issues notice to Anand Grover Indira Jaising on plea of CBI challenging Bombay HC order
इंदिरा जयसिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए लॉयर्स कलेक्टिल एनजीओ के संस्थापक सदस्य- वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर और इंदिरा जयसिंह को नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने शीर्ष अदालत में बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें एजेंसी को उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से रोका गया है।

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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया है। सीबीआई ने वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर और इंदिरा जयसिंह के खिलाफ विदेशी अंशदायी( विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज की है।
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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं और गैर सरकारी संगठन को नोटिस जारी किए। जांच आयोग का कहना था कि उच्च न्यायालय ने आरोपी पक्षकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बारे में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकाला कि यह कानून की नजर में गलत है और न ही ऐसे किसी फैसले का हवाला दिया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रखना किस तरह से कानून के खिलाफ है।

आनंद ग्रोवर और उनकी पत्नी इंदिरा जयसिंह ने उनके और उनकी संस्था के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कराने के लिए जून में बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जांच ब्यूरो ने एफसीआरए के प्रावधानों के कथित उल्लंघन के बारे में गृह मंत्रालय की शिकायत पर मई महीने में यह प्राथमिकी दर्ज की थी।


इस प्राथमिकी में इंदिरा जयसिंह का आरोपी के रूप में नाम नहीं था, लेकिन गृह मंत्रालय की शिकायत, जो प्राथमिकी का हिस्सा है, में उनके नाम का उल्लेख है और उनके खिलाफ स्पष्ट आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई का आरोप है कि गैर सरकारी संगठन ने 2009 से 2015 के दौरान विदेश से धन प्राप्त किया लेकिन इसके एक बड़े हिस्से की जानकारी नहीं दी। जांच ब्यूरो ने कहा कि ग्रोवर और जयसिंह ने विदेश से मिले धन का उपायोग अपने ‘निजी लाभ’ के लिए किया।

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