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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों पर चार हफ्तों में मांगा जवाब

Mon, 12 Oct 2020 01:42 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 12 Oct 2020 01:42 PM IST
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sc issue notice to centre on petitions challenging farm laws seek response within four weeks
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

हाल में बनाए गए तीन विवादित कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर उसकी प्रतिक्रिया मांगी है। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र से चार हफ्तों के अंदर नोटिस पर जवाब मांगा है।

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तीन कानून- कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम, 2020, कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद ये 27 सितंबर को प्रभावी हुए थे।
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पीठ राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज झा, केरल से कांग्रेस के लोकसभा सांसद टीएन प्रतापन और तमिलनाडु से द्रमुक के राज्यसभा सदस्य तिरुची शिवा और राकेश वैष्णव की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पीठ में न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन भी शामिल हैं।


याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि संसद द्वारा पारित कृषि कानून किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मुल्य सुनिश्चित कराने के लिए बनाई गई कृषि उपज मंडी समिति व्यवस्था को खत्म कर देंगे।

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