फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC had pulled up the Centre at the Ministry of Transport imposed 25 thousand of fine

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार परिवाहन मंत्रालय पर 25 हजार का जुर्माना ठोका

Sat, 13 Aug 2016 01:06 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sat, 13 Aug 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
SC had pulled up the Centre at the Ministry of Transport imposed  25 thousand of fine
सुप्रीम कोर्ट्र - फोटो : Reuters

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल गाड़ियों में बाहर निकले सामान जैसे लोहे के रॉड आदि में दिशानिर्देश बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से एक याचिका पर जवाब मांगा था, लेकिन सरकार ने उसका जवाब नहीं दिया। याचिका में कहा गया है कि गाड़ियों में बाहर निकले सामान से देश में हजारों सड़क हादसे होते हैं।

विज्ञापन


सरकार की खिंचाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि सालों तक जवाब दाखिल नहीं करते और देरी के लिए न्यायपालिका को जिम्मेदार ठहराते हैं। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि गाड़ियों की बेतरतीब पार्किंग और ट्रकों से निकले रॉड आदि से निर्दोश लोगों की जान जा रही है और आपने न तो कानून में बदलाव किया और न ही इस पर जवाब दिया।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ‘आपकी उदासीनता के कारण हजारों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

आप और समय कैसे मांग सकते हैं? एक साल से ज्यादा हो गया, आपने अभी तक जवाबी हलफनामा तक दायर नहीं किया है।’ पीठ गैर सरकारी संगठन सेव लाइफ फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने और समय मांगने और नरमी बरतने की गुहार पर सड़क यातायात एवं राजमार्ग मंत्रालय पर जुर्माना राशि पचास हजार रुपये कर दी थी। पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि क्या यहां पंचायत चल रही है? यदि आपने एक भी और मौका मांगा तो जुर्माना राशि एक लाख रुपये कर दी जाएगी।

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने एक और अवसर देने का निवेदन किया था। तब अदालत ने जुर्माना घटाकर पच्चीस हजार रुपये और जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया था।

अंतिम अवसर देने के बावजूद केंद्र सरकार के वकील ने जवाबी हलफनामा दायर नहीं किया। पीठ के सामने शुक्रवार को पेश हुए अटॉर्नी जनरल ने एक और अवसर देने की मांग की है। पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए इस शर्त पर चार हफ्ते का समय दिया जाता है कि वह पच्चीस हजार रुपये जुर्माने के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के वेलफेयर ट्रस्ट में जमा करवाए।

सरकार की ओर से हालांकि कहा गया है कि गाड़ियों से बाहर निकले सामान के संदर्भ में कानून में बदलाव कर दिया गया है। अब वाहन के आकार से केवल एक मीटर ज्यादा बाहर निकला सामान ले जाने की अनुमति होगी।


इस पर पीठ ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस ग्रह पर आप सबसे बड़े वादी हैं और ऐसा आपका आचरण है। आपने इतने सालों तक जवाब दाखिल नहीं किया और देरी के लिए न्यायपालिका को जिम्मेदार ठहराते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed