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SC: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विजय नायर को राहत; सुप्रीम कोर्ट ने 'आप' के पूर्व संचार प्रभारी को दी जमानत
Mon, 02 Sep 2024 01:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 02 Sep 2024 01:36 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में एक अर्जी पर फैसला सुनाया। अर्जी में आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर की जमानत की मांग की गई थी। इस दौरान कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विजय नायर को जमानत दे दी।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्रता 'अनुल्लंघनीय' होती है। समन्वय पीठ की टिप्पणी 'जमानत नियम है, जेल अपवाद है' के कानूनी सिद्धांत को मानते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि मुकदमे से पूर्व जेल में बंद करना सजा नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि नायर धन शोधन मामले में पिछले 22 महीने से जेल में हैं जहां अधिकतम सजा सात साल की है।
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पीठ ने 12 अगस्त को नायर की जमानत अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा था। एजेंसी ने 13 नवंबर, 2022 को नायर को गिरफ्तार किया था। नायर ने निचली अदालत के 29 जुलाई के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी स्वाभाविक जमानत की याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल तीन जुलाई को धन शोधन मामले में नायर और अन्य सह-आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था। धन शोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक प्राथमिकी के बाद सामने आया था, जो अब रद्द कर दी गई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के मामले में उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा की गई जांच की सिफारिश के बाद दर्ज की गई थी।