गौरक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- निगरानी के लिए हर जिले में तैनात हों नोडल अफसर
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से कहा है कि वो हर जिले में एक सीनियर पुलिस अधिकारी को बतौर नोडल ऑफिसर तैनात करें। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी, कि उनके जिले में गौरक्षक समूह गायों की रक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथों में न लें।
SC also said Central and state governments must take effective steps to stop cow vigilante groups from taking law in their hands
— ANI (@ANI) September 6, 2017विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देते हुए गौरक्षकों द्वारा की गई किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि वो किसी भी व्यक्ति या समूह को इजाजत नहीं दे सकता है जो गौरक्षा के नाम पर लोगों के साथ मारपीट करें।
वहीं केंद्र सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि इसको रोकने के लिए पर्याप्त कानून है, जिससे ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके।
Cow vigilantism matter: ASG Tushar Mehta representing Centre told SC that law was there to take care of any kind of untoward incidents
— ANI (@ANI) September 6, 2017
देश में सौहार्द बिगाड़ने वाले इसका लाभ उठा रहे हैं। इससे देश की छवि प्रभावित हो रही है। इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी दलों को इसकी भर्त्सना करनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी।
पीएम मोदी ने कथित गौरक्षकों पर तीसरी बार सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने 29 जून को साबरमती आश्रम से भी गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी थी। पीएम ने कहा, गाय को हमारे यहां मां माना जाता है। लोगों की भावनाएं गाय से जुड़ी हुई हैं। लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि गाय की रक्षा के लिए कानून है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है। राज्यों को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि क्या इस बहाने कुछ लोग व्यक्तिगत दुश्मनी तो नहीं निकाल रहे।