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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंध लगाए जाने वाले आदेश को पेश करने को कहा

Wed, 16 Oct 2019 11:46 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 16 Oct 2019 11:46 AM IST
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SC asks Centre to place on record before it all orders relating to restriction in Jammu Kashmir
सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि राज्य में संचार प्रतिबंध लगाने, बंद और नजरबंदी करने के लिए अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेशों को उनके सामने पेश किया जाए। तीन जजों की पीठ की अध्यक्षता करने वाले जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि यदि सरकार हमारे सामने आदेश पेश करने के पीछ के कारणों के बारे में नहीं बताना चाहती है तो उन्हें विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा। जम्मू-कश्मीर पर लगे प्रतिबंधों से जुड़े विभिन्न मामलों की अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।

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जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद राज्य में ये प्रतिबंध लगाए गए थे। जम्मू-कश्मीर में आवाजाही पर प्रतिबंध और संचार बाधित होने के मामले संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि उसने संचार व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश एवं अधिसूचनाएं उसके सामने पेश क्यों नहीं कीं।
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि वह इन प्रतिबंधों से संबंधित प्रशासनिक आदेश केवल पीठ के अध्ययन के लिए उच्चतम अदालत में पेश करेंगे। पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई शामिल हैं।

मेहता ने पीठ ने कहा, ‘हम उन्हें उच्चतम न्यायालय के सामने पेश करेंगे। राष्ट्रहित में लिए गए प्रशासनिक फैसलों की अपील पर कोई नहीं बैठ सकता। केवल न्यायालय ही इसे देख सकती है और याचिकाकर्ता निश्चित ही इसे नहीं देख सकते।’ मेहता ने पीठ को बताया कि जम्मू-कश्मीर में संचार पर लगाए गए प्रतिबंधों संबंधी परिस्थितियों में बदलाव आया है और वह इस मामले में ताजा जानकारी देते हुए एक शपथपत्र दायर करेंगे।


पीठ ने जब घाटी में मोबाइल सेवाएं बहाल होने की मीडिया रिपोर्टों का जिक्र किया तो एक याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि केवल पोस्टपेड मोबाइल चल रहे हैं लेकिन प्राधिकारियों ने मंगलवार को एसएमएस सेवाएं रोक दी थीं।

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