फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC asks Army to look into updated ACRs of women officers for grant of Permanent Commission

महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन: नई सालाना गोपनीय रिपोर्ट पर गौर करे सेना, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Mon, 22 Nov 2021 10:51 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 22 Nov 2021 10:51 PM IST
सार

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड व जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि इन अधिकारियों की पांचवें व दसवें साल की सेवाओं की अपडेटेड ACR पर विचार करें। 

विज्ञापन
SC asks Army to look into updated ACRs of women officers for grant of Permanent Commission
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना से कहा कि वह शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला सैन्य अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के मामले में अपडेटेड नई सालाना गोपनीय रिपोर्ट (ACR) के आधार पर पुनर्विचार करे। ये महिला अधिकारी यूएसी आधारित मूल्यांकन प्रणाली से किए गए आकलन में स्थायी कमीशन में प्रवेश के लिए जरूरी 60 फीसदी अंक पाने में विफल रही हैं। 

विज्ञापन


जस्टिस डीवाई चंद्रचूड व जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन व सेना की ओर से मौजूद वरिष्ठ वकील आर. बालासुब्रमण्यम से कहा कि वे इन अधिकारियों के पांचवें व दसवें साल की सेवाओं की अपडेटेड सालाना गोपनीय रिपोर्ट पर विचार करें। 
विज्ञापन


शीर्ष कोर्ट ने यह निर्देश करीब आधा दर्जन महिला सैन्य अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इन अधिकारियों का दावा है कि उन्हें त्रुटिपूर्ण यूएसी सिस्टम से किए गए आकलन के कारण स्थायी कमीशन से वंचित रखा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि यूनिट असेसमेंट कार्ड (UAC) सिस्टम की अनदेखी की जाए, लेकिन कृपया उनकी अपडेटेड एसीआर पर भी गौर कीजिए। यदि उनकी एसीआर उत्कृष्ट है तो उन्हें सेवा से वंचित रखना सेना व देश का नुकसान होगा। 

सेना में यूएसी सिस्टम 1999 से 2005 तक लागू रहा। इसे 2005 में सेना ने खत्म कर दिया था। इसके स्थान पर एसीआर आधारित मूल्यांकन सिस्टम लाया गया। इसके आधार पर ही स्थायी कमीशन (PC) प्रदान किया जाता है। 

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन ने कहा कि वह और वरिष्ठ वकील बालासुब्रमण्यम प्रत्येक मामले को देखेंगे। उन्होंने कोर्ट से कुछ वक्त मांगा, ताकि संबंधित अधिकारियों से वे निर्देश प्राप्त कर सकें। 


पीठ ने कहा कि अधिकारियों का यह संभवत: अंतिम प्रयास होगा। इसके बाद वह स्थायी कमीशन से वंचित रहेंगी। हमें कुछ उपाय करने चाहिए और पूरे मामले को खत्म करना चाहिए। यदि वे अभी भी 60 प्रतिशत के मानदंड को पार नहीं करती हैं, तो वे बाहर हैं लेकिन सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। यदि एसीआर पर विचार करें, तो वे 60 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर सकती हैं। ऐसे में यूएसी में कुछ भी नहीं रहेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed