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सुप्रीम कोर्ट: महाराष्ट्र में बैलगाड़ी दौड़ फिर से शुरू करने की अनुमति, 2017 से लागू थी पाबंदी
Thu, 16 Dec 2021 03:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 16 Dec 2021 03:39 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के संशोधित प्रावधानों की वैधता और महाराष्ट्र द्वारा बनाए गए नियम, जो राज्य में बैलगाड़ी दौड़ के लिए प्रदान करते हैं, याचिकाओं के लंबित रहने के दौरान काम करेंगे, क्योंकि पूरा मामला संविधान पीठ को भेजा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र में बैलगाड़ी दौड़ फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य में 2017 से इस पर प्रतिबंध है।
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सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के संशोधित प्रावधान और महाराष्ट्र द्वारा बनाए गए नियम, राज्य में बैलगाड़ी दौड़ की इजाजत देते हैं। इनसे संबंधित याचिकाएं संविधान पीठ के विचारार्थ भेजी जा रही हैं, वह लंबित रहने तक ये रेस हो सकेगी।
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न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने तमिलनाडु और कर्नाटक के समान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पहले कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी, जहां इस तरह की बैलगाड़ी दौड़ चल रही है। पीठ ने कहा कि वही व्यवस्था महाराष्ट्र राज्य पर लागू संशोधित प्रावधानों पर लागू होनी चाहिए, जो अन्य दो राज्यों में किए गए संशोधन के समान हैं।
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