नागरिकता कानून पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट
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उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कांग्रेस और त्रिपुरा के पूर्व महाराज कीर्ती प्रद्योत देब बर्मन की याचिकाओं पर वह 18 दिसबंर को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि वह अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इन याचिकाओं पर 18 दिसंबर को सुनवाई करेगा।
Supreme Court agrees to hear on December 18 the pleas of Congress and of erstwhile Tripura royal Kirit Pradyot Deb Barman against the #CitizenshipAmendmentAct. pic.twitter.com/dXn1tcOKOG
— ANI (@ANI) December 16, 2019विज्ञापन
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दोनों याचिकाओं को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अपील करते हुए कहा कि इन पर इस संबंध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर याचिका के साथ ही सुनवाई की जाए, जिसपर बुधवार को सुनवाई होनी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के खिलाफ शुक्रवार को याचिका दाखिल की। उन्होंने इस अधिनियम की वैधता को अदालत में चुनौती दी है। कांग्रेस ने संसद में ही अधिनियम को शीर्ष अदालत में चुनौती देने का संकेत दिया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि वह इस मामले को अदालत लेकर जाएंगे। इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि संसद को मत डराइए कि उसके अधिकार क्षेत्र में कोई अदालत घुस जाएगी।