Rahul on Savarkar: सावरकर के पोते ने राहुल के खिलाफ दर्ज कराया मामला, भाजपा नेता ने इंदिरा का हवाला देकर घेरा
राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर पर अंग्रेजों की मदद करने और डर से दया याचिका लिखने का आरोप लगाते हुए उन्हें निशाना बनाना जारी रखा।
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हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के पोते ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर का कथित रूप से अपमान करने का मामला दर्ज कराया है। दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी के पोते रंजीत सावरकर ने शिवाजी पार्क थाने में दर्ज शिकायत में यह भी मांग की कि महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले पर भी इसी तरह के बयान देने के लिए मामला दर्ज किया जाना चाहिए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा, मैं यहां महाराष्ट्र में एक जनसभा में वीर सावरकर का अपमान करने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आया हूं। राहुल गांधी ने कहा था कि वीर सावरकर ने पेंशन ली और अंग्रेजों के लिए काम किया और उन्होंने देश के खिलाफ भी काम किया।
राहुल ने सावरकर पर पेंशन लेने और अंग्रेजों को दया याचिका देने का आरोप लगाया
राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर पर अंग्रेजों की मदद करने और डर से दया याचिका लिखने का आरोप लगाते हुए उन्हें निशाना बनाना जारी रखा। महाराष्ट्र के अकोला जिले के वाडेगांव में एक संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने 1920 के सरकारी रिकॉर्ड से दस्तावेज दिखाए, जिसमें दावा किया गया कि उनमें सावरकर द्वारा अंग्रेजों को लिखा गया एक पत्र है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। हम आगे की जांच कर रहे हैं।
आशीष शेलार ने सावरकर पर इंदिरा गांधी की टिप्पणी का हवाला दिया
भारतीय जनता पार्टी के नेता आशीष शेलार ने गुरुवार को राहुल गांधी की हिंदुत्व विचारक के बारे में टिप्पणी की आलोचना करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा वी डी सावरकर की प्रशंसा का हवाला दिया। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शेलार ने कहा कि राहुल गांधी ने वीर सावरकर के बारे में एक बुद्धिहीन टिप्पणी की है और हम इसकी निंदा करते हैं। हमें आश्चर्य है कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने इस मुद्दे पर इतना नरम रुख क्यों अपनाया और अपनी खुद की विश्वसनीयता को नष्ट कर दिया।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि राहुल की दादी दिवंगत इंदिरा गांधी सावरकर का सम्मान करती थीं। शेलार ने कहा, मैं आपको तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक पत्र दिखा सकता हूं, जिसमें सावरकर को भारत का एक उल्लेखनीय पुत्र बताया गया था, उन्होंने अपने सचिव से सावरकर की जन्म शताब्दी समारोह की योजना बनाने के लिए कहा था। उद्धव ठाकरे का शिवसेना गुट महाराष्ट्र में कांग्रेस का सहयोगी है। हालांकि, ठाकरे ने सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणियों से खुद को दूर कर लिया।
महाराष्ट्र : मनसे कार्यकर्ता राहुल गांधी को काले झंडे दिखाएंगे
दो दिन पहले कांग्रेस नेता यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रतीक सावरकर हैं। राहुल के इस बयान पर विरोध शुरू हो गया है। मनसे की औरंगाबाद इकाई के अध्यक्ष सुमीत खांबेकर ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मनसे कार्यकर्ता शेगांव के लिए रवाना होंगे और वहां राहुल गांधी को काले झंडे दिखाएंगे।
‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में हिस्सा ले चुकी महिला ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में शामिल
आजादी के पहले 1942 के ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में हिस्सा लेने वाली लीलाबाई चितले (93) गुरुवार को कुछ समय के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने महाराष्ट्र के अकोला जिले की बालापुर तहसील के वडेगांव में पैदल मार्च में शामिल हुईं चितले का एक वीडियो संदेश ट्वीट किया। रमेश ने ट्वीट में कहा, वह चाहती हैं कि यात्रा संविधान बचाने पर केंद्रित हो।
वीडियो संदेश में चितले ने कहा, 9 अगस्त 1942 को मैं बारह साल की थी। महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था...मैं और मेरी दो सहेलियां एक कॉलेज के पास (अंग्रेजों के खिलाफ) नारे लगाते हुए पकड़े गए थे। हम सिर्फ 12 साल के थे, इसलिए हमें उसी शाम (पुलिस द्वारा) छोड़ दिया गया। लेकिन मेरे पिता और भाई साढ़े तीन साल जेल में रहे। देश को आजादी उस तरह नहीं मिली, जैसी आज बताई जाती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में समाज के सभी वर्गों और धर्मों के लोगों ने भाग लिया था। ये लोग (भारत जोड़ो यात्रा में भाग लेने वाले) संविधान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।