फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sanskrit as a compulsory language up to 8th Standard in Assam Schools

असम के स्कूलों में 8वीं कक्षा तक की पढ़ाई में संस्कृत अनिवार्य

Wed, 01 Mar 2017 09:13 PM IST
amarujala.com -written by: रोहित कुमार पोरवाल
amarujala.com -written by: रोहित कुमार पोरवाल Updated Wed, 01 Mar 2017 09:13 PM IST
विज्ञापन
Sanskrit as a compulsory language up to 8th Standard in Assam Schools
सांकेतिक चित्र

विज्ञापन

दुनिया की प्राचीनतम् भाषाओं में एक देववाणी संस्कृत को असम के स्कूलों में अनिवार्य किया जाएगा। असम सरकार की कैबिनेट ने फैसला लिया है कि सूबे के सभी स्कूलों में 8वीं कक्षा तक संस्कृत को पढ़ाया जाए। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने खुद इस फैसले की जानकारी ट्वीट कर दी। वहीं, संस्कृत आंदोलन रत संगठन, खासकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ असम सरकार के इस फैसले से गदगद है। संघ ने कहा है कि असम की तरह देश के बाकी राज्यों को भी चाहिए कि स्कूलों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य करें। संघ के प्रभाव वाले स्कूल पहले से ही इसका पालन करते आ रहे हैं।

विज्ञापन



असम मे काम करने वाले संघ कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर खासा उत्साह है। उनका कहना है कि स्कूलों में संस्कृत को पढ़ाया जाने हमेशा से संघ का एजेंडा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार भी संस्कृत पढ़ाए जाने को लेकर कई दफा जोर दे चुकी है। असम पहली दफा बीजेपी सत्ता पर काबिज है, इसलिए संस्कृत के लिए उठाया गया कदम स्वाभाविक भी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इंग्लैंड के स्कूल छठी कक्षा तक पढ़ा रहे संस्कृत

Sanskrit as a compulsory language up to 8th Standard in Assam Schools
सांकेतिक चित्र

आरएसएस के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख जे. नंदकुमार ने भी इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उनका कहना है कि जैसे इंग्लैंड में अंग्रेजी, फ्रांस में फ्रेंच पढ़ाए जाने को लेकर कोई विवाद नहीं है, उसी तरह भारत के स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप में स्वीकार करने पर किसी की तरफ से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

वहीं, संघ के एक संगठन 'शिक्षा बचाओ आंदोलन' समिति के अतुल कोठारी ने बताया कि इंग्लैंड में ऐसे इंटरनेशनल स्कूल हैं जो छठी कक्षा तक संस्कृत को अनिवार्य रूप में पढ़ाते हैं। नासा भी संस्कृत की अहमियत को समझ इस पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत पढ़ना इसलिए जरूरी है कि क्योंकि संस्कृत ग्रंथों में दुनिया का अपार ज्ञान समाहित है। अगर बच्चे इसे पढ़ेंगे तो उनकी बुनियाद मजबूत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed